कुरुक्षेत्र। कस्बा शाहाबाद में एक के बाद एक गोलीबारी की घटनाओं से लोग सकते में हैं। शाहाबाद में बढ़ती फायरिंग की घटनाओं से लोगों में पुलिस प्रशासन के विरुद्ध रोष पनप रहा है। शराब कारोबारी शांतनु की हत्याकांड का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि शांतनु हत्याकांड वाले स्थल से महज चार किलोमीटर दूर अमन होटल पर एक बार फिर बदमाशों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी। दोनों की मामलों में विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के हाथ बताए जा रहे हैं।
शांतनु हत्याकांड मामले की जिम्मेदारी काला राणा गैंग ने ली थी। वहीं अमन होटल पर गोली बरसाने वाले बदमाशों ने भी कौशल चौधरी गैंग नाम की पर्ची छोड़ी है। इन घटनाओं ने पुलिस की सतर्कता व सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में बदमाश बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं और आसानी से भाग जा रहे हैं।
गत 10 अप्रैल को हुई लाडवा रोड पर स्थित आईलेट्स सेंटर पर गोलीबारी कर बदमाशों ने संचालक से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस वारदात के तार भी काला राणा गैंग से जुड़े थे। हमलावरों ने घटनास्थल पर ठीक इसी तरह का एक धमकी भरा पत्र छोड़ा था, जिस तरह अमन होटल पर छोड़ा है। जिस पर लारेंस बिश्नोई, काला राणा व नोनी राणा गैंग के साथ एक विदेशी नंबर भी लिखा गया था। इस वारदात में सेंटर पर रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत अपनी बेटी भारती को खाना देने आए भूषण सेठी को गोली लगी थी, कुछ समय बाद विदेश से रंगदारी मांगने के लिए कॉल आया था।
वारदात को अंजाम देने का तरीका भी हुबहू वही था जिस तरह अमन होटल पर वीरवार को बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया गया। इसी तरह पहले भी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार होकर बदमाश आए थे और सीधा रिसेप्शन पर खड़े होकर गोलियां बरसा दीं थी। वारदात के ठीक तीन दिन बाद ही रंगदारी मांगने आए दो बदमाशों ने पुलिस की गश्ती टीम पर गोलीबारी की थी। हालांकि पुलिस ने उन्हें मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में काबू कर लिया था। लोगों में पुलिस की निष्क्रियता और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर रोष में है। उनका कहना है कि बार-बार धमकी भरे कॉल और पत्र मिलने के बावजूद पुलिस कारोबारियों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है।