टैगोर पब्लिक स्कूल पिहोवा में कार्यरत टीचर द्वारा सातवीं कक्षा के छात्र को बुरी तरह से पीटने के मामले में शिक्षक विक्रम और प्रिंसिपल के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बाल संरक्षण सोसायटी की ओर से जांच अधिकारी कांउसलर राखी व बाल संरक्षण अधिकारी इंदु शर्मा ने बताया कि स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राईट की ओर से उन्हे शिक्षक द्वारा छात्र हरनूर के साथ बेरहमी से मारपीट करने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर उन्होंने इस मामले में टैगोर स्कूल प्रबंधन, टीचर व विद्यार्थियों से बयान लिए। उन्होंने बताया कि आरोपी शिक्षक को स्कूल प्रबंधन की ओर से निष्कासित कर दिया गया।
बाकी जांच मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी। छात्र के परिजनों ने बताया कि शिक्षा विभाग के सभी नियमों को ताक पर रखकर पीड़ित छात्र हरनूर सहित उसकी बहन को स्कूल से ही निष्कासित कर दिया। जब जांच अधिकारी ने स्कूल से निष्कासित किए जाने का कारण पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जांच अधिकारी के अनुसार बच्चों को निष्कासित करने से पहले उसके परिजनों को नोटिस या फिर परिजनों की ओर से प्रार्थना पत्र लिया जाता है और उसके आधार पर बच्चे को निष्कासित किया जा सकता है।
ये था पूरा मामला
हरनूर के पिता बलजिन्द्र सिंह के अनुसार हरनूर टैगोर पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है और शनिवार को सुबह प्रार्थाना के समय टीचर विक्रम ने उसे बुरी तरह से पीटा। इससे हरनूर बेहोश हो गया और उसके कान से खून बहने लगा। बेहोशी की हालत में हरनूर को पिहोवा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उसे कुरुक्षेत्र एलएनजेपी हस्पताल में रेफर कर दिया था लेकिन सुविधओं के अभाव में हरनूर को अम्बाला ले जाया गया, जहां उसका अभी भी उपचार चल रहा है। परिजनों ने इस मामले की शिकायत पुलिस को दी, लेकिन स्कूल प्रबंधन के उपरी दबाव के चलते पुलिस द्वारा जब कोई कार्यवाही नहीं की तो परिजनों ने इसकी शिकायत कुरूक्षेत्र एसपी को दी। लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी तो पुलिस की कार्यवाही से असंतुष्ट परिजनों ने कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राईट से इंसाफ की गुहार लगाई।
प्रिंसिपल सकते में आकर चले गए हैं : एमडी
पिहोवा टैगोर स्कूल के एमडी कीमती लाल बतरा ने बताया कि घटना के दिन स्कूल के प्रिंसिपल को छात्र के परिजनों ने मारपीट और शर्मसार किया था। तब से प्रिंसिपल सकते में आकर कहीं चले गए हैं तब से आज तक स्कूल वापिस नहीं आए हैं और न ही मैनेजमेंट को स्कूल में प्रवेेश व जाने के विषय में कुछ भी कहकर गए हैं।