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Kurukshetra News: चरमराई रोडवेज व्यवस्था, यात्री बेबस

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कुरुक्षेत्र। बीएस 6 मानक की 48 बसें रोहतक, जींद व भिवानी भेजे जाने से गड़बड़ाई रोडवेज व्यवस्था अभी दुरुस्त भी नहीं हो पाई कि दूसरे दिन रविवार को भी डिपो में बसों का उस समय अकाल पड़ गया जब 60 से ज्यादा बसें जींद में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के लिए भेज दी गईं। बस अड्डा दिनभर सरकारी बसों से महरूम रहा तो बेबस हुए यात्री भटकने को मजबूर रहे।
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बसें कम होने से जहां अनेक रूटों पर सर्विस ही बंद रही तो कई रूटों से बसों के फेरे कम कर दिए गए। ऐसे में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से गड़बड़ा गई। सुबह से शाम तक बस अड्डे पर बड़ी संख्या में यात्री बसों की बाट जोहते रहे तो वहीं मौजूद रहे रोडवेज कर्मी भी उन्हें कोई सटीक जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में उन्हें न केवल भारी परेशानी का सामना करना पड़ा बल्कि निजी बसों व अन्य वाहनों का भी सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। बुजुर्ग से लेकर महिलाएं व बच्चे भी घंटों तक बसों के लिए भटकते रहे। वहीं रोडवेज बसें बेहद कम रहने से निजी बस संचालकों की खूब चांदी रही। इन बसों में सीट मिलना तो दूर खिड़कियों के पास खड़े होने तक के लिए यात्रियों को जगह नहीं मिल पाई। ऐसे में हादसे की भी आशंका बनी रही।



इन रूटों पर भी पड़ा असर
कुरुक्षेत्र मेन डिपो में किलोमीटर स्कीम के तहत 18 बसों सहित कुल 134 बसें हैं जबकि सब डिपो पिहोवा में 56 बसें हैं। अन्य डिपो से बसें बदले जाने व रविवार को जींद में आयोजित समारोह में बसें भेजने का असर यमुनानगर, कैथल, मनाली, अमृतसर, जोधपुर, चंडीगढ़ व दिल्ली के अलावा निसिंग, झांसा सहित कई स्थानीय रूटों पर भी पड़ा है। मौके पर ड्यूटी इंचार्ज जोगिंद्र सिंह ने भी माना कि बसें कम रहने से रूट प्रभावित हुए हैं।
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दो घंटे से कर रहे इंतजार, नहीं मिली बस : बिसंबर
बस अड्डे पर यमुनानगर जाने के लिए पहुंचे बुजुर्ग बिसंबर दास का कहना था कि उन्हें किसी कार्य के चलते सुबह ही यमुनानगर पहुंचा था लेकिन दो घंटे से वे यहां नए बस अड्डे पर बस की इंतजार में है। बस कब तक आएगी, यह भी बताने वाला कोई नहीं है।



झांसा जाने के लिए ढाई घंटे से इंतजार : गुरबचन



बुजुर्ग यात्री गुरबचन ने बताया कि उन्हें महज 15 किलोमीटर दूर झांसा जाना है लेकिन ढाई घंटे से कोई बस नहीं मिली। बस कब आएगी यह भी पता नहीं है। झांसा जाने के लिए उन्हें कोई दूसरा सहारा भी अब तक नहीं मिल पाया है। उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।



दूसरे डिपो से बदली गई सभी बसें भी अभी रूटों पर नहीं
डिपो से बीएस 6 मानक की 40 बसें रोहतक, तीन भिवानी व पांच जींद डिपो में भेज दी गई जबकि इतनी ही इन डिपो से कुरुक्षेत्र डिपो में पुरानी बीएस 3 व 4 मानक की बसें भेजी गईं लेकिन इन बसों की हालत ज्यादा बेहतर नहीं है। ऐसे में ये अभी पूरी तरह से रूटों पर भी नहीं उतारी जा सकीं। इन बसों की समय सारिणी भी अभी तैयार नहीं की जा सकी है। ऐसे में पहले ही रूटों पर बसों की कमी हो चुकी थी तो वहीं रविवार को 60 से ज्यादा बसें जींद में आयोजित समारोह में भेज दी गईं।



सरकार के आदेशों के पालन में भेजी बसें : जीएम
डिपो महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि दूसरे डिपो से बसें बदलने व जींद में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बसें भेजने को लेकर सरकार के आदेशों का पालन किया गया है। यात्रियों को कुछ परेशानी हुई है लेकिन जल्द ही व्यवस्था बेहतर कर ली जाएगी।
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