पिहोवा। गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए बच्चों द्वारा अपने गुल्लक ही तोड़ दिए गए। गोगामेड़ी पर छबील लगाई और खुद भी सेवा की। रमन, आनंद, गगन, युवी, नकुल, प्रथम, मनजीत सहित अन्य बच्चों ने बताया कि वे अपने गुल्लक में प्रतिदिन कुछ न कुछ सिक्के डालते हैं। आज उन्होंने गर्मी को देखते हुए छबील लगाने की ठानी। उन्होंने लोगों से धनराशि सहयोग मांगने के बजाय अपने इकट्ठे किए गए रुपयों का ही प्रयोग किया। गुल्लक तोड़कर उसमें से रुपये निकाले तथा छबील के लिए सामान का प्रबंध किया। राहगीरों को मीठा शरबत पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। बच्चों के इस कार्य को देख महिला विमला, कमला, ममता व शीला ने भी उनका साथ दिया।