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Kurukshetra News: समाज को सेवाकार्याें की दिशा दिखा रही ब्राह्मण धर्मशाला सभा

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कुरुक्षेत्र। प्राचीन सन्निहित सरोवर एवं दुखभंजन महादेव मंदिर के निकट स्थित हरियाणा ब्राह्मण धर्मशाला एवं छात्रावास सभा पिछले 42 वर्षों से सेवाकार्यों की बदौलत समाज के सभी वर्गाें की उन्नति में योगदान दे रही है। साल 1984 में धर्मशाला एवं सभा की नींव रखने के बाद ब्राह्मण धर्मशाला सभा का सर्वसम्मति से नंदकिशोर शर्मा को पहला प्रधान बनाया गया। निरंतर निर्माण से कमरों की संख्या बढ़कर 365 तक पहुंच चुकी है।
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प्रबंधक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि धर्मशाला सभा दशकों से लोक भलाई कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान देती आई है। समाज के जरूरतमंद एवं उम्रदराज व्यक्तियों के लिए निशुल्क ठहरने और भोजन इत्यादि की व्यवस्था की जाती है। छात्रावास में साठ विद्यार्थियों को कर्मकांड की निशुल्क शिक्षा मुहैया कराई जा रही है। उनकी दैनिक जरूरतों की हर प्रकार की व्यवस्था भी निशुल्क है। आचार्य राजेश वत्स बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। अन्य छात्रों को नो प्रोफिट-नो लॉस के आधार पर मामूली फीस के साथ रहने और खाने-पीने का इंतजाम कराया जाता है।

लगभग 250 लोग रोजाना धर्मशाला में निशुल्क भोजन कर रहे हैं। करीब डेढ़ एकड़ में फैली धर्मशाला में एक लंगर हॉल, दो कॉमन हॉल और लगभग 40 गाड़ियों की पार्किंग की क्षमता वाला बरामदा है, जिसका इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी किया जाता है। गीता जयंती और परीक्षाओं के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस रहता है। वर्तमान में पांच पदाधिकारी और छह सदस्यों की कार्यकारिणी सेवा में लगी है। रक्तदान शिविर, धर्म कथाएं, हरियाणवी सांग महोत्सव, जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में सहयोग आदि के प्रकल्प भी चलाए जा रहे हैं।
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बिना सरकारी योगदान के चल रही, सरकार करे अनुदान सहयोग : पवन शर्मा
प्रधान पवन शर्मा पहलवान ने कहा कि हरियाणा ब्राह्मण धर्मशाला एवं छात्रावास सभा बिना सरकारी योगदान के चल रही है। समाज एकजुट होकर आर्थिक सेवा करता है। जब अन्य धर्मशालाओं एवं सभाओं को प्रदेश सरकार अनुदान देती है तो छात्रावास में भी सहयोग करना चाहिए। यहां 42 वर्षों में वोट के चुनाव नहीं हुए। भाईचारे की भावना को बढ़ाते हुए सर्वसम्मति से पदाधिकारी एवं सदस्य बनाए गए। सबसे लंबे समय तक प्रधान पद की कमान 22 साल तक नंदकिशोर शर्मा ने संभाली। दूसरे व्यक्ति पवन पहलवान हैं, जिन्हें प्रधान की जिम्मेदारी संभालते हुए लगभग 20 वर्ष होने को आए हैं।
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