पिछले दो दिनों से लगातार छा रहे स्मॉग ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। शनिवार की रात करीब 11 बजे से छाया स्मॉग रविवार को दोपहर 13 बजे तक रहा। 13 घंटे तक स्मॉग की धुंधली चादर ने गर्मी का अहसास तो खत्म कर दिया लेकिन आंखों में जलन की शिकायत भी छोड़ी। तापमान कम होने से हवाएं भी ठंडी ही चली, जिसके चलते लोगों को सर्दी का अहसास भी शुरू हो गया है।
दो दिन से छा रहे स्मॉग के चलते घरों में पंखों की रफ्तार भी धीमी हो गई है। साथ ही रजाई और कंबल भी निकल आए हैं। लेकिन इसके साथ ही आंखों में जलन और एलर्जी ने भी परेशानी बढ़ा दी है। इसी स्मॉग के चलते शाहाबाद में दुर्घटना भी हुई। जिसमें तीन लोग घायल हो गए। स्मॉग शनिवार की रात करीब 11 बजे से छाने लगा था। इसके बाद से ही मौसम में अचानक ठंडक भी बढ़ गई। कई वाहन चालकों को आंखों में जलन की शिकायत हुई।
क्यों फैल रहा है स्मॉग
धान निकलने के बाद ही शहर के आसपास खेतों में पड़े धान के अवशेष जलाने और दीवाली पर पटाखों का धुंआ वातावरण में घुल गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में प्रदूषित कण ऊपर आसमान में तैर नहीं पाते हैं। वह एक ही जगह में ठहर जाते हैं। जिससे कि उस क्षेत्र का प्रदूषण स्तर भी बढ़ जाता है। इधर शहर में वाहनों से निकलने वाले धुएं का प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इसके बाद पटाखों और धान के अवशेषों का धुआं शाम को तापमान कम होने के बाद ठहर जाता है। जिससे धुंध स्मॉग में बदल जाती है। जिससे यह स्मॉग पर्यावरण के साथ ही मानव शरीर के लिए भी जहरीला साबित हो रहा है। स्मॉग के कारण वातावरण में कार्बन डाईआक्साइड और सल्फर डाईआक्साइड की मात्रा बढ़ी है। दमे के मरीजों के लिए भी यह मौसम परेशानी बढ़ाने वाला ही है। धुंए और कोहरे की वजह से सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होती है।
वाहन चालकों को रही समस्या
स्मॉग के कारण वाहन चालकों को खासी दिक्कत हुई। ऑटो चालक रवींद्र ने बताया कि शाम को छह बजे बाद दो दिन से धुंध छा रही है। जिसके कारण आंखों में जलन भी हो रही है। कैलाश सिंह ने कहा कि कोहरा सा छा जाने के बाद ऑटो की रफ्तार भी धीमी करनी पड़ी है। वाहन चालकों का कहना है कि स्मॉग के कारण हादसे होने का डर भी सताने लगा है।
यह दिक्कतें भी हो सकती है
स्मॉग से आंखों में जलन, सांस लेने परेशानी, हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार स्मॉग में मौजूद केमिकल से स्कीन की एलर्जी भी हो सकती है। इसके अलावा आंखों का लाल होना, नाक, कान में खुजली और गले का इंफक्शन भी हो सकता है।