धर्मनगरी में कार्यकर्ताओं को गुरुमंत्र देने पहुंचे भाजपा के चाणक्य अमित शाह ने पार्टी फुल टाइमर्स को संस्कृति, संस्कार, समरसता, संपर्क और संवाद का पंचामृत पिलाया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा के इन पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को करीब एक घंटे तक तगड़ी डोज दी। उन्होंने पार्टी की नीति और सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य एमएलए, एमपी, मंत्री सीएम और पीएम बनाना ही नहीं है। भाजपा राष्ट्र का विकास करने वाली सोच रखने वाले राजनीतिक दल का नाम है।
शाह रविवार को कुरुक्षेत्र के सन्निहित सरोवर तट पर स्थित पंजाबी धर्मशाला में आयोजित तीन दिवसीय पंडित दीन दयाल उपाध्याय कार्य विस्तार योजना के तहत शताब्दी विस्तार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष रुप से पहुंचे थे। कार्यक्रम में मीडिया को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आज के बाद प्रदेश में पूर्णकालिक कार्यकर्ता की भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को संपर्क और संवाद के जरिये जनता में समरसता का भाव बनाए रखने और पार्टी की जनकल्याणकारी नीतियों को समझाने और कड़ी मेहनत करने का गुर मंत्र दिया। शाह ने कार्यकर्ता को बताया कि शक्ति का आलस्य में नहीं, बल्कि इसका सदुपयोग शतप्रतिशत मेहनत करके होना चाहिए।
तभी ईश्वर हर कदम पर साथ देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पूर्णकालिक कार्यकर्ता समर्पण के मनोभाव से देश को आगे बढ़ाने के पूरी ऊर्जा से कार्य करेंगे। शताब्दी विस्तारकों को बूथ से लेकर मंडल व जिला प्रकोष्ठों में पार्टी, मोर्चे व प्रकोष्ठों की इकाइयों को न केवल गठित करना है, बल्कि उन्हें पूरी तरह सक्रिय करते हुए पार्टी को स्वर र्स्पशी, सर्वव्यापी व समावेशी बनाना है। यह कार्य त्याग एवं बलिदान का है। इस दौरान केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्य करते हुए देश को परम वैभव तक ले जाना है।
इसलिए आया यूपी में चौंकाने वाला परिणाम
पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब और आम वर्ग के प्रति श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के जो नतीजे आए, उसे विपक्ष आंखें फाड़ कर देखता रह गया। इस भाव का बना रहना, गरीबों के उत्थान में काम करना मोदी अपना धर्म समझते हैं। जनता ने इसी श्रद्धा पर मुहर लगाते हुए यूपी में 325 सीटें दी।
कई राज्यों में भाजपा का कुछ नहीं, वहां भी मेहनत से खड़े होंगे
अमित शाह ने कहा कि देश में भाजपा की सफलता के साथ कई चुनौतियां भी है। देश मेें आज भाजपा के 1400 एमएलए हैं, 300 सांसद है और 14 राज्यों में सरकारें है, लेकिन आज भी कई राज्यों में भाजपा कुछ भी नहीं है, इनमें सात राज्यों में भाजपा खड़ा होने के लिए पिछले काफी समय से कठिन परिश्रम कर रही है और पूरी उम्मीद है कि वहां भी सफलता मिलेगी।
शाह बोले, कोई बता सकता है मोदी के बाद कौन....
अमित शाह ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और तुष्टिकरण की राजनीति पर चोट करते हुए कार्यकर्ताओं से पूछा क्या कोई बता सकता है कि देश प्रधानमंत्री मोदी के बाद कौन ? शाह बोले कोई नहीं बता सकता, वो इसलिए क्योंकि भाजपा में भाई भतीजा वाद, परिवारवाद, जातिवाद और क्षेत्रवाद नहीं है, लेकिन सोनिया गांधी, मुलायम, अखिलेश, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, चौटाला, प्रकाश सिंह बादल के बाद कौन होगा? यह सब बता सकते हैं। शाह बोले, क्यों भाई बता सकते हो या नहीं ?
जो हमारे साथ है उसे नौकरी नहीं...
समरसतापूर्ण व्यवहार का गुरमंत्र देते हुए शाह के निशाने पर भेदभाव और अपने-पराये की राजनीति भी रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसने भाजपा को वोट नहीं दिया, उसका भी काम भाजपा को करना है। जो योग्य है, उसे नौकरी मिलनी चाहिए, उसे नहीं, जो हमारे साथ चलता है या जिससे हमारा खून का संबंध है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को ऐसी व्यवस्था को बदलने में सहयोग देने की आवश्यकता है।
किसी एक जाति-समुदाय से नहीं बंधी है भाजपा
शाह ने बाकायदा चौटाला का नाम लेकर कहा कि यदि हरियाणा में आज उनकी पार्टी का नाम लिया जाए, तो कोई भी बोल देगा कि जाटों की पार्टी है, ऐसा ही मुलायम की पार्टी को कह दिया जाएगा वो यादवों की है, बादल साहेब की पार्टी को सरदारों की पार्टी कहा जाता है, बसपा को केवल दलितों की माना जाता है और शिव सेना को मराठों, मगर भाजपा के बारे में ऐसा नहीं बोला जा सकता, क्योंकि इससे सभी जुड़े हैं।
शाह ने प्रदेशाध्यक्ष बराला को दी थपकी
पंजाबी धर्मशाला एक एंट्री गेट पर शाह के स्वागत में सीएम के अलावा कई मंत्री और वरिष्ठ नेता पहुंचे थे, लेकिन स्वागत के बाद कार्यकर्ताओं की बैठक में सीएम और संगठन के चुनिंदा पदाधिकारियों के अलावा अन्य किसी को बैठने की अनुमति नहीं थी। वहीं मीडिया को भी भीतर जाने की अनुमति नहीं थी, बैठक के दौरान जब मंच पर प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुष्प गुच्छ भेंट किये तो शाह ने पूरी गर्मजोशी के साथ उनकी पीठ थपथपाई।