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दूध, दही और गंगाजल से किया भोले का अभिषेक

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संगमेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। श्रावण मास की शिवरात्रि पर्व पर धर्मनगरी में शिव भक्तों की आस्था का सैलाब उमड़ा। शिव-गौरी संयोग में श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध व दही से शिवलिंग का अभिषेक किया। स्थाण्वीश्वर, कालेश्वर, सर्वेश्वर, त्रिकालेश्वर, संगमेश्वर, आशुतोष, उष्णेश्वर, मारकंडेश्वर महादेव मंदिर व प्रसिद्ध दुख भंजन मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी। ओम नम: शिवाय, बम-बम भोले, हर-हर गंगे व हर-हर महादेव के जयघोष गूंजता रहा।
शिवरात्रि पर ऐतिहासिक संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में मेला लगा। मंदिर प्रबंधन की ओर से पहले ही विशेष प्रबंध किए गए थे। यहां पिंडी स्वरूप भगवान शिव के दर्शनों के लिए रात 12 बजे ही पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित आसपास के जिलों से श्रद्धालुओं पहुंचना शुरू हो गए थे। मंदिर के सचिव महंत विश्वनाथ गिरी ने बताया कि यहां के अरुणा संगम तीर्थ में स्नान करने से ब्रह्म हत्या के दोष से छुटकारा मिलता है। देवराज इंद्र भी इसी अरुणा तीर्थ के जल में स्नान करके ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्त हुए थे। प्रतिदिन 11 हजार बेलपत्र संगमेश्वर महादेव को अर्पित किए जा रहे हैं।
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बताया कि श्रावण माह में हर शाम को फल, फूल, मिठाई, ड्राई फ्रूट, रंग, सब्जी, अनाज, चावल, गेहूं, गुलाल रंग, डॉलर सहित विभिन्न तरह की सामग्री से शिवलिंग का शृंगार कर रहे हैं। नौ अगस्त को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से चलकर सरस्वती तीर्थ पहुंचेगी। सरस्वती तीर्थ पर पार्थेश्वर शिवलिंग का पूजन करके शिवलिंग का सरोवर में विसर्जन किया जाएगा।
संगमेश्वर सेवा दल के प्रधान भूषण गौतम ने बताया कि सेवादल के 350 सदस्य कतारों में लगे श्रद्धालुओं की सेवा करते रहे। मंदिर प्रबंधन की ओर से कांवड़ियों, बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई थी। इन श्रद्धालुओं को मंदिर द्वार से सीधे ही मंदिर गर्भगृह भेजा गया।
भगवान शिव के दर्शनों के लिए सोमवार देर रात से ही से श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थी। हर कोई भगवान शिव पर जल चढ़ाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। कतार में खडे श्रद्धालुओं के लिए सेवादल ने पहले ही तैयारी की हुई थी। रात 12 बजे से ही जल चढ़ाना शुरू हो गया था।
कई संस्थाओं ने लगाया भंडारा
मेले में आए श्रद्धालुओं के लिए कई संस्थाओं ने भंडारा लगाया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से फलाहार का प्रबंध किया गया।
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मेले में जमकर हुई खरीदारी
मेले में आए श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। दुकानदारों ने बताया कि यहां लगने वाले मेले के लिए दो दिन पहले ही पहुंच गए थे। यहां पहुंचने पर अच्छी खासी कमाई हुई है।

शिवरात्रि पर दुखभंजन मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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