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Kurukshetra News: भारत तनेजा युवाओं को दे रहे राम के आदर्शों को अपनाने का संदेश

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कुरुक्षेत्र। रामलीला में भगवान श्रीराम का किरदार का मंचन करते भारत तनेजा।
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कुरुक्षेत्र। महज 19 साल की उम्र से राम का किरदार निभाकर युवाओं में संस्कारों की लौ जगाने में जुटे भारत तनेजा अब समाज में राम के नाम से जाने जाते हैं। रामलीला में वर्ष 1996 से राम का किरदार निभाते हुए युवाओं को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का संदेश दे रहे हैं। उनके पिता सतनाम दास रामलीला में 10 सालों तक सीता का किरदार निभा चुके हैं। पिता से प्रेरित होकर उन्हें रामलीला के मंचन के लिए प्रेरणा मिली। उनके पिता हमेशा यही कहते थे कि मेरे बाद रामलीला रुकनी नहीं चाहिए। महज सात साल के थे तो पिता का देहांत हो गया।
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पिता के शब्दों से भावुक होकर भारत तनेजा ने रामलीला में राम का किरदार निभाना शुरू कर दिया। उनका लक्ष्य युवाओं में भगवान राम के गुणों को भरना और संस्कृति को बचाना है। भारत तनेजा बताते हैं कि राम किरदार निभाने से जीवन में कई तरह के बदलाव देखने को मिले। भगवान राम बनने से एक अलग तरह की ऊर्जा का अनुभव हुआ। कोई भी बुरा ख्याल मन में कभी नहीं आया। राम बनने से हर समय अच्छा ख्याल ही मन में रहता है। अन्य लोगों को भी भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले उनके पिता रामलीला में सीता का किरदार निभा चुके है तो वहीं उनके भाई भी कुछ समय के लिए राम के किरदार में रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिता का सपना पूरा करने के लिए वर्ष 1996 से श्री रामलीला ड्रामाटिक क्लब से जुड़कर मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों को अपनाने का संदेश दे रहे हैं। रामलीला के मंचन के दौरान पूरे नियमों का पालन किया जाता है, रामलीला में बनवास के मंचन के दौरान घर-परिवार से भी दूरी बनाई जाती है। भगवान राम के होने की एक अलग तरह की ऊर्जा का अनुभव होता है। संवाद

कुरुक्षेत्र। रामलीला में भगवान श्रीराम का किरदार का मंचन करते भारत तनेजा।

कुरुक्षेत्र। रामलीला में भगवान श्रीराम का किरदार का मंचन करते भारत तनेजा।

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