कुरुक्षेत्र। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह।
कुरुक्षेत्र। परपंरागत खेती के मुकाबले किसानों को सब्जियों की खेती से अधिक लाभ मिल सकता है। किसानों की सब्जियों की खेती के लिए कुशल कृषि विशेषज्ञों से जानकारी के साथ मौसम की भी जानकारी रखनी चाहिए। इससे सब्जी की फसल का सही उत्पादन एवं बीमारियों से भी बचाव होगा।
यह कहना है कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह का। उन्होंने कहा कि मार्च में बेल वाली सब्जियों करेला, तुरई, लौकी और कद्दू की खेती की जा सकती है। ये सब्जियां बेल वर्गीय हैं। उन्होंने कहा कि मार्च में तोरई, ककड़ी, बैंगन, भिंडी, टमाटर, खीरा, हरी मिर्च, नींबू, पुदीना इत्यादि भी उगाया जा सकता है। डा. सिंह ने सब्जियों को उगाने के संबंध में किचन गार्डनिंग के भी टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि घरों में जमीन के अभाव में बेल वाली सब्जियों को गमलों में लगाया जा सकता है। गमलों में इन सब्जियों के बीज लगाकर पौधे आ सकते हैं।
डॉ सिंह ने कहा कि घर में सब्जियों से घर की रसोई के लिए अच्छी ताजा सब्जी मिल सकती है।
लौकी को उगाने के लिए अधिक जगह की जरूरत नहीं पड़ती है। गर्म और आर्द्र जलवायु इस सब्जी की फसल के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है। भिंडी की बिजाई मार्च के पहले हफ्ते में कर लेनी चाहिए। अप्रैल-मई में भिंडी की फसल फल देना शुरू कर देगी।