कुरुक्षेत्र। लघु सचिवालय पर जमकर बवाल काटने के बाद डीसी रेट देने के आश्वासन और नया टेंडर जारी करने की सूचना के बाद केयू आऊसोर्सिंग कर्मियों का धरना समाप्त हो गया।
प्रदर्शन खत्म होने से पहले कर्मचारी हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड वाइस चेयरमैन रामस्वरूप जाबाज से भी उलझे। इसके बाद जब कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलसचिव ने डीसी ऑफिस पहुंचकर कर्मियों को नया टेंडर निकालने की सूचना देते हुए डीसी रेट देने का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर कर्मचारियों का गुस्सा शांत हुआ।
हालांकि इस दौरान एक महिला कर्मी ने इतनी लेट टेंडर निकालने का विरोध भी किया, लेकिन बाद में धरना वापस ले लिया गया। करीब एक सप्ताह से लघु सचिवालय पर धरना दे रहे कर्मियों ने सोमवार को भी खूब नारेबाजी की। मामले को सुलझाने के लिए हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड वाइस चेयरमैन रामस्वरूप जाबाज लघु सचिवालय पहुंचे।
पहले तो उन्होंने कर्मियों से बातचीत करते हुए उनकी समस्या और मांगों की जानकारी हासिल की। जब उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया तो कर्मियों के आगे उनकी एक न चली। काफी देर तक कर्मियों को शांत करने का प्रयास विफल होने पर वाइस चेयरमैन डीसी से मिलने पहुंचे।
इसी दौरान कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण वहां पहुंचे और उन्होंने चल रहे टेंडर को कैंसल करने और नया टेंडर जारी करने की सूचना कर्मियों को दी। कुलसचिव ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि पुराना टेंडर कैंसल कर नए टेंडर के लिए नोटिस निकाल दिया। इस नए टेंडर के तहत कर्मचारियों को डीसी रेट दिया जाएगा। फिर कहीं जाकर काफी विचार-विमर्श के बाद कर्मियों ने धरना समाप्त किया।
डीसी से मुलाकात करने के बाद जब हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड के वाइस चेयरमैन रामस्वरूप जाबाज ने कर्मियों को समझाकर धरना समाप्त करने को कहा तो आंदोलनकारी उन्हीं से उलझ पडे़। गुस्साए कर्मियों ने इसके बाद जिला और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
एसडीएम भी कर्मियों को समझाने के लिए कार्यालय से बाहर आए। एसडीएम राजेश कुमार ने कर्मियों को शांत किया। केयू नए टेंडर निकालने और उसके तहत डीसी रेट दिए जाने की सूचना देते हुए एसडीएम ने कर्मियों का प्रदर्शन समाप्त कराया।
केयू कुलसचिव डॉ. केसी रल्हाण ने कहा कि पुराने टेंडर को कैंसल कर दिया है। नए टेंडर के लिए पब्लिक नोटिस भी निकाल दिया है, जिसके तहत कर्मियों को डीसी रेट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 16 जून तक टेंडर मांगे हैं, जिन्हें 17 जून को ओपन कर दिया जाएगा। इसके बाद डीसी रेट लागू हो जाएंगे।