कुरुक्षेत्र। 22 जनवरी को श्री रामलला अपनी जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। इससे पहले उनका जलाभिषेक होगा, जिसके लिए देशभर के सरोवर, तीर्थों से जल पहुंच रहा है। इसमें धर्मनगरी कुरुक्षेत्र स्थित पवित्र ब्रह्मसरोवर का जल भी शामिल होगा। यह जल किसी वाहन के जरिए नहीं बल्कि करनाल के रहने वाले पर्वतारोही एवं धावक अशोक कुमार दौड़ते हुए ही लेकर पहुंचेंगे। इसके लिए वे हर रोज 70 किलोमीटर का सफर तय कर अयोध्या पहुंचेंगे। उनके साथ सहयोगी मनोज साइकिल से यह सफर पूरा करेंगे। इसके लिए वो ब्रह्मसरोवर से जल लेकर शुक्रवार को रवाना हो चुके हैं।
गीता ज्ञान संस्थानम की ओर से पवित्र ब्रह्मसरोवर से कलश में जल भरकर विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद धावक अशोक कुमार को सौंपा गया है। यहां से करीब 750 किलोमीटर का सफर वे दौड़ते हुए ही तय करेंगे और हर रोज 70 किलोमीटर की दूरी पूरी करेंगे। अशोक के मुताबिक, उन्होंने इतनी लंबी यात्रा दौड़कर पूरी करने का संकल्प लिया था। साथ ही उन्हें गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने प्रेरणा दी तो हौसला और बढ़ गया। वे शामली, मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजांहपुर, सीतापुर, लखनऊ, अलीगंज, बरेली, बाराबंकी, सफरदरगंज, रामस्नेही घाट, दुल्लापुर व भेलसर एयरपोर्ट के मार्ग से श्री राम मंदिर अयोध्या पहुंचेंगे। गीता ज्ञान संस्थानम के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं केडीबी के पूर्व सदस्य विजय नरूला का कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान श्रीराम लला का जलाभिषेक होना है। इसके लिए देशभर के प्रख्यात सरोवर एवं तीर्थों से जल पहुंचेगा। हरियाणा से यह जल पवित्र ब्रह्मसरोवर से लिया गया है। अयोध्या पहुंचकर यह जल श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।