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बैंकों की हड़ताल, करीब 200 करोड़ का कारोबार ठप

Tue, 28 Feb 2017 11:50 PM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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bank strike - फोटो : अमर उजाला
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यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का जिले भर के बैंकों का खासा असर दिखाई दिया। दिन भर बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। लीड बैंक के मैनेजर ने बताया कि हड़ताल से करीब 200 करोड़ का कारोबार ठप रहा। बैंक कर्मी हड़ताल कर सड़कों पर उतर आए और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में पंजाब नेशनल बैंक मंडल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की।
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वहीं बैंकों में हड़ताल से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता बैंकों से बिना लेन-देन किए ही बैरंग लौटने को मजबूर हुए। दावा किया जा रहा है कि देश भर के बैंकों के 10 लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहे। धर्मनगरी में बैंक कर्मी सुबह ही हड़ताल पर उतर आए और पीएनबी मंडल कार्यालय केे समक्ष एकत्रित होकर मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

 ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन कुरुक्षेत्र के मंडल सचिव हाकम चौधरी ने कहा कि आज की हड़ताल का मुख्य कारण सरकार द्वारा जन विरोधी बैंकिंग सुधारों एवं कामगार विरोधी श्रम सुधारों एवं ट्रेड यूनियन के उल्लंघनों एवं नियमित व स्थायी बैंकिंग कार्यों की आउट सोर्सिंग नीतियां रही है। जिनको लेकर कर्मियों में भारी रोष बना हुआ है।  
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प्रदर्शन को यूनियन सचिव धर्म चंद मच्छाल ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में मंडल कार्यालय एवं अन्य शाखाओं के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर बलवान सिंह पावरिया, राय सिंह, राजीव चोपड़ा, अंजलि कुमारी, के के सैनी, जे पी सैनी, नवजोत सिंह, राज बीर डाण्डे, पीके जिन्दल, अनिल कौल, एस एस बत्रा, संदीप तेजा, एस के रैना, जयबीर जांगड़ा, विनोद अरोड़ा, माधवी गर्ग, राखी सोनी, जिले सिंह सभ्रवाल, लेख राज, पीएल चौधरी, टी सी भीमड़ा, राज कुमार, हरिओम वर्मा, अजय कुमार, डीएल मेहता, नरेश भीम, रमेश कुकरेजा, जरनैल सिंह, राहुल कौशिक, जे के जैन, आर के गुलाटी आदि मौजूद रहे।     
     
हड़ताल के कारण बंद रहे बैंक, लोग परेशान      
लाडवा। बैंक कर्मचारी संगठनों की हड़ताल के चलते मंगलवार को लाडवा के सरकारी बैंक बंद रहे लेकिन निजी क्षेत्रों के बैंकों में कामकाज सामान्य ढंग से हुआ। सरकारी बैंक बंद होने से जहां बैंकों से धन निकासी व जमा का काम प्रभावित हुआ वहीं चेक क्लीयरिंग का काम भी ठप रहा। निजी क्षेत्र के एचडीएफसी, एक्सिस व आईसीआईसीआई बैंकों के खुले रहने से उन बैंकों के उपभोक्ताओं को नकदी जमा व निकासी में तो परेशानी नहीं हुई लेकिन चेकों की क्लीयरिंग का काम नहीं हो सका। सेवानिवृत्त सैनिक अवतार सिंह ने कहा कि महीने के अंतिम दिन हड़ताल होने के कारण बैंक से पैसे नहंी मिले वहंी एटीएम भी खाली रहे जिससे भारी परेशानी पैदा हो गई है। एक उपभोक्ता संजय गुप्ता ने बताया कि बैंक बंद होने से बैंक में अपने व्यापारी के खाते में पिछले हफ्ते लगाया गया चेक भी अभी तक खाते में नहीं लग पाय ाहै जिससे व्यापारी माल भेजने में आनाकानी कर रहे हैं।

सरकारी बैंकों की हड़ताल से बाबैन में जनता परेशान
बाबैन। मंगलवार को बाबैन के सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। बैंकों की हड़ताल के कारण बाबैन में केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, कोप्रेटिव बैंक बंद रहे। जबकि यहां एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैैंक खुले रहे। सरकारी बैंकों के बंद होने से दिनभर उपभोक्ता परेशान नजर आए। उपभोक्ता अशोक कुमार, हरनेक सिंह, सतबीर रामपुरा, बाबा गुरचरण सिंह, तरसेम संघौर ने बताया कि मंगलवार को बैंकों की हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं का बैंकों से लेनदेन नहीं हो पाया। जिससे उनके कामकाज प्रभावित हुए।

खुले हुए बैंक बने लोगों के लिए राहत
पिहोवा। बैंक अधिकारियों की प्रस्तावित हड़ताल के चलते शहर में अधिकतर बैंक बंद रहे। जिसके उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले सप्ताह तीन दिनों की छुट्टी के बाद सोमवार को बैंक तो खुले, मगर ज्यादा काम होने के कारण काम नहीं हो सके। लेकिन मंगलवार को बैंकों की हड़ताल के चलते लोगों को एक फिर परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन शहर के कई प्राईवेट बैंक खुले रहने से उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। इन बैंकों में आम दिनों की तरह काम चलता रहा।

बैंक हड़ताल का उनपर नहीं कोई असर : सतीश मेहता
डिस्पोजल क्रोकरी व्यापारी सुतीश मेहता ने बताया कि डिजिटल व कैशलेस सिस्टम से बैंकिंग आसान हो गई है। जो लोग डिजिटल बैंकिंग कर रहे हैं उन्हें बैंक बंद होने या हड़ताल ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। वहीं आज प्राईवेट बैंक खुले थे जिससे इस हड़ताल का कोई ज्यादा असर नहीं है।

ढाई लाख रुपये से ज्यादा दी पैमेंट: अरुण तनेजा
अरुण तनेजा ने बताया कि बैंक से संबंधित काम आजकल आनलाइन हो रहे हैं। सिर्फ कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं थे। लेकिन सभी काम बिना रुकावट के होते रहे। उन्होंने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सीएसपी प्वाइंट उनके पास है तथा हर रोज वे उपभोक्ताओं को लगभग 50 से 60 हजार रुपये पेमेंट करते थे। लेकिन आज हड़ताल के कारण उन्होंने लगभग ढाई लाख रुपये की पेमेंट उपभोक्ताओं को दी है। कर्मचारियों की इस हड़ताल से उन उपभोक्ताओं को परेशानी हुई जिन्हें आनलाइन बैंकिंग के बारे में मालूम नहीं है।

घरेलू सामान के लिए नहीं मिले पैसे: सुरेंद्र
एटीएम से पैसे निकलवाने आए सुरेंद्र निवासी पिहोवा ने बताया कि उन्हें घरेलू सामान के लिए पैसे की जरूरत थी। लेकिन किसी भी बैंक एटीएम में पैसे नहीं है और बैंक भी बंद है। ऐसे में उन्हें बहुत परेशानी हो रही है। उन्हें कैशलेस व डिजिटल सिस्टम के बारे में जानकारी नहीं है। जिस बैंक में उनका खाता है वो बैंक बंद है।
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