बुधवार को हुए नगर परिषद चुनाव में अजीबो-गरीब परिस्थितयां देखने को मिली। वार्ड नं 5 से निर्दलीय प्रत्याशी 10वीं पास धनसिंह गांधी विजेता रहे, जिन्होंने पूर्व पार्षद के रिश्तेदार भाजपा समर्थित प्रत्याशी सहित सभी प्रतिद्वंद्वियों को पटकनी दी। धन सिंह उर्फ गांधी एक निजी सुरक्षा कंपनी के तहत शहर के रेलवे रोड पर स्थित ओबीसी बैंक के एटीएम पर पिछले 2 वर्ष से गार्ड के रुप में नौकरी कर रहे हैं। गांधी ने 831 वोट लेकर 80 वोटों से जीत हासिल की है। जबकि इसी वार्ड में दूसरे स्थान पर नरेश सिरसवाल रहे। धन सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसकी एक ही बेेटी है। वह पहले अपनी किताबों की दुकान करता था, लेकिन परिवार का गुजारा न चल पाने के कारण उसने निजी कंपनी के तहत नौकरी करना उचित समझा। उन्होंने बताया कि उनका वार्ड बेहद पिछड़ा हुआ है और उनकी प्राथमिकता है कि वार्ड का पूर्ण विकास हो। इसके लिए वह भरसक प्रयास करेंगे। उन्होंन इससे पूर्व भी वर्ष 2000 में चुनाव लड़ा था, जिसमें उनकी 37 वोटों से हार हुई थी।
वार्ड नं 20 में 4 बजे ही निपट गया चुनाव
वार्ड नं 20 में बूथ नं 50 पर लगभग 4 बजे ही चुनाव निपट गया, जिसके बाद चुनाव कर्मी मतदाताओं का इंतजार करते रहे। इस समय तक 1379 में से 896 मतदाता अपना मतदान कर चुके थे। हालांकि प्रत्याशी व उनके समर्थक बाकी मतदाताओं को भी बुलाने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे तो वहीं इसके बाद महज दर्जनभर मतदाता ही मतदान करने पहुंचे।
पांच बजते ही होने लगी आतिशबाजी
सुबह 7 बजे शुरू हुआ चुनाव 5 बजे तक चला, लेकिन कई बूथों पर पांच बजते ही आतिशबाजी होने लगी। जिन वार्डों में मतदाताओं की संख्या कम रही, वहां चुनाव परिणाम जल्द जारी हुए। इन वार्डों पर अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल देखकर समर्थकों ने आतिशबाजी की तो वहीं उनकी जीत भी घोषित हुई। कई वार्डों के चुनाव परिणाम सवा पंाच बजे ही घोषित हो गए तो कई के चुनाव परिणाम साढ़े छह बजे तक भी घोषित नहीं हो पाए।
वार्ड 22 के बूथ 54 पर डेढ़ घंटा तक होती रही माथापच्ची
चुनाव परिणाम घोषणा को लेकर वार्ड नं 22 के बूथ नं 54 पर लगभग डेढ़ घंटा तक माथापच्ची होती रही। हालांकि लगभग छह बजे चुनाव परिणाम की घोषणा कर दी गई, जिसके साथ ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और जमकर आतिशबाजी की। लेकिन उनकी खुशी उस समय कमजोर पड़ने लगी, जब परिणाम आने के लगभग डेढ़ घंटे तक विजेता दीपक सडाना बूथ से बाहर नहीं आए। इस दौरान समर्थक आपे से बाहर दिखाई देने लगे। बाद में बूथ पर प्रोजेडिंग ऑफिसर द्वारा दस्तक करवाए जाने के बाद दीपक सडाना बाहर आए तो समर्थकों को राहत महसूस हुई जिसके बाद जमकर जश्न मनाया।