फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: चंद्रमोहन बने बलराम कुमार और चरखी दादरी की नेहा बलराम कुमारी

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। विजेताओं को पुरस्कृत करते खेल मंत्री गौरव गौतम व अन्य सदस्य। आयोजक
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में केशव पार्क में मंगलवार को बलराम कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया जिसमें पुरुष और महिला पहलवानों ने दमखम दिखाया।
विज्ञापन

दंगल के दौरान 62 किलोग्राम बलराम कुमारी महिला वर्ग, +62 किलोग्राम बलराम केसरी महिला वर्ग, 74 किलोग्राम बलराम कुमार पुरुष वर्ग और +74 किलोग्राम बलराम केसरी पुरुष वर्ग में जोरदार मुकाबले हुए। इसमें 70 पुरुषों और 50 महिला पहलवानों ने दम दिखाया। इनमें फतेहाबाद के चंद्रमोहन बलराम कुमार और दादरी की नेहा को बलराम कुमारी का खिताब मिला।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि खेल मंत्री गौरव गौतम ने महिला और पुरुष वर्ग के विजेताओं को कुल 17 लाख रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया। बलराम कुमार (पुरुष 74 किग्रा) में प्रथम फतेहाबाद का चंद्रमोहन, द्वितीय रविंद्र और तृतीय स्थान पर साहिल व नवीन रहे।
विज्ञापन

बलराम केसरी (पुरुष +74 किग्रा) वर्ग में प्रथम स्थान पर दादरी का प्रत्यक्ष, द्वितीय पर दीपक और तृतीय स्थान प्रवीण व सचिन रहे। वहीं बलराम कुमारी (महिला 62 किग्रा) में प्रथम स्थान पर चरखी दादरी की नेहा, द्वितीय पर नीतू और तृतीय स्थान पर नेहा शर्मा व पुष्पा रहीं। बलराम केसरी (महिला +62 किग्रा) वर्ग में प्रथम स्थान पर सोनीपत की काजल रही। द्वितीय मानसी लाठर ने और तृतीय स्थान नविता व चंचल ने पाया।
दंगल के दौरान केशव पार्क में रोमांचक माहौल रहा। पहलवानों के दांव-पेंच पर दर्शक उत्साह से झूमते दिखे और पूरा परिसर तालियों और जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक अश्विनी मलिक, डीएसओ मनोज कुमार, कुश्ती संघ के अध्यक्ष रमेश सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
खिलाड़ियों के लिए आरक्षण का प्रावधान : गौरव

खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए बलराम कुश्ती दंगल के रूप में एक नया और मजबूत प्लेटफॉर्म दिया है। यहां से निकलने वाले खिलाड़ी एशियन, ओलंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। हरियाणा की खेल नीति युवाओं को ओलंपिक तक पहुंचाने का रोडमैप है। खिलाड़ियों की बदौलत हरियाणा आज विश्व के खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। जमीनी स्तर पर टैलेंट की खोज से लेकर उन्हें प्रशिक्षण देने तक की पूरी प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जो पदक विजेता खिलाड़ियों को सर्वाधिक नकद पुरस्कार देता है। ग्रुप-ए से ग्रुप-डी तक सीधी भर्ती में खिलाड़ियों को आरक्षण का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले और पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति भी दी जा रही है।

कुरुक्षेत्र। विजेताओं को पुरस्कृत करते खेल मंत्री गौरव गौतम व अन्य सदस्य। आयोजक

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें