संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। भारतीय किसान यूनियन ने युवा ब्लाक अध्यक्ष पंकज हबाना की रिहाई की मांग को लेकर शाहाबाद थाने का घेराव किया और प्रदेश सरकार, विधायक व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा कर रहे थे। थाना के करीब पहुंचते ही किसानों ने थाने के अंदर प्रवेश करने का प्रयास, लेकिन पुलिस ने किसानों को गेट पर ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस व किसानों में धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में किसान सड़क पर मोर्चा लगाकर बैठ गए। किसानों ने ट्रैक्टरों से शाहाबाद-अंबाला सर्विस लेन को जाम कर दिया।
भाकियू प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि जब एक दिन पहले शुक्रवार को वह भाकियू के कार्यकर्ताओं व पंकज हबाना के साथ गांव यारी में पहुंचे तो वहां चल रही पंचायत में भीड़ पहले से एकत्रित थी और मौजूदा विधायक रामकरण काला भी वहां उपस्थित थे। इसलिए उन्होंने किसी तरह से कोई उल्लंघन नहीं किया। ऐसे में कोविड नियमों का उल्लंघन करने का पहला पर्चा मौजूदा विधायक के खिलाफ दर्ज होना चाहिए और बाद में किसानों के खिलाफ। सुबह 11 बजे से लेकर सायं 4 बजे तक किसानों की कोर कमेटी में शामिल राकेश बैंस, जसबीर सिंह मामूमाजरा, पवन बैंस व अन्य नेताओं ने एसडीएम वीरेंद्र चौधरी, डीएसपी आत्मा राम पूनिया और डीएसपी गुरमेल सिंह से दो बार बातचीत भी की, जो असफल रही।
किसानों ने यही जवाब दिया कि पंकज हबाना की रिहाई के बिना वह यहां से नहीं जाएंगे। किसानों ने कहा कि उन्हें थाने अंदर बैठने दिया जाए, लेकिन पुलिस ने मुख्य गेट को नहीं खोला। सायं चार बजे किसानों ने थाने के बाहर टेंट लगाने की व्यवस्था शुरू कर दी और कहा कि जब तक पंकज को रिहा नहीं किया जाता तब तक किसानों का धरना जारी रहेगा। इससे पहले बड़ी संख्या में किसान शाहाबाद के शहीद उधम सिंह स्मारक में एकत्रित हुए और वहां से रोष जताते हुए थाना शाहाबाद पहुंचे।
एसडीएम वीरेंद्र कुमार ने भी किसानों के बीच पहुंचकर धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव हरपाल सिंह, जसबीर सिंह, पवन बैंस, अर्जुन भिंडर, कुलदीप सिंह, हरकेश, राकेश, जसबीर सिंह, सुखचैन, हरबंस कलसानी, बलविंद्र, बलविंद्र, अनिल तनेजा, राजेंद्र कुमार, गुरनाम सिंह व मनजीत चोगामा आदि मौजूद रहे।
विधायक से धक्कामुक्की के आरोप में पांच के खिलाफ मामला दर्ज
शाहाबाद। शाहाबाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, विधायक से धक्का मुक्की करने व रास्ता रोकने तथा महामारी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में पांच भाकियू नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने देर रात भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष पंकज हबाना को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव यारा-यारी के बीच में फैक्टरी के प्रदूषण को लेकर लोग विवाद कर रहे थे और सड़क पर एकत्रित हुए थे। इस सूचना पर एएसआई रामेश्वर, उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, मुखय सिपाही रणबीर सिंह व सुरेंद्र, सरकारी गाड़ी के चालक उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। जब वह ग्रामीणों से बातचीत कर रहे थे इसी बीच ग्रामीणों की समस्या सुनने के लिए विधायक रामकरण मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के लोग भी मौके पर आ गए। उन्होंने विधायक रामकरण का विरोध करना शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया भारतीय किसान यूनियन के राकेश बैंस, पवन बैंस, हरकेश खानपुर, राजन तनेजा व पंकज हबाना ने विधायक की गाड़ी के आगे लेटकर रास्ता रोक लिया और धक्कामुक्की शुरू कर दी।
एसपी के आश्वासन पर धरना स्थगित किया
प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग पहुंचे। इस दौरान हिमांशु गर्ग ने आश्वासन दिया कि पुलिस इस संदर्भ में निष्पक्ष जांच करेगी। उधर, किसानों ने बुधवार तक धरना स्थगित कर दिया है। अगर किसान रिहा नहीं होते तो किसान नेता आगामी रणनीति बनाएंगे।