श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय 26 जुलाई को कारगिल युद्ध के वीर बलिदानियों की स्मृति में कारगिल विजय दिवस श्रद्धा के साथ मनाएगा। युद्ध के नायक सेवानिवृत्त कैप्टन गुरमेल सिंह और नायक सूबेदार रविंद्र कौशिक युद्धकालीन अनुभव साझा करेंगे,जिससे नई पीढ़ी को देशभक्ति और वीरता की जीवंत प्रेरणा मिल सके।
कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय द्वारा वीर बलिदानियों के परिजनों को सम्मानित भी किया जाएगा। वीरता की इस गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में वीर बलिदानियों के लिए मेरा दिल कहता है... शीर्षक से एक विशेष पोस्टर लॉन्च किया गया। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान, प्रो. जीतेश कुमार पंडा, प्रो. शीतल सिंगला, प्रो. सीमा रानी समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी व छात्र-छात्राएं अपने भावपूर्ण शब्दों में वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इस अवसर को और अधिक स्मरणीय बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए शहीदों के गांवों से कलशों में मिट्टी मंगवाने का निर्णय लिया है। इन कलशों की मिट्टी से विश्वविद्यालय परिसर में पौधे रोपित किए जाएंगे,जो शहीदों की स्मृति और बलिदान को चिरस्थायी बनाएंगे।
कुलपति प्रो.धीमान ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य सफलता का दिन नहीं, बल्कि यह देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सपूतों की अमर गाथा का प्रतीक है। यह विश्वविद्यालय उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का प्रयास कर रहा है।