कुरुक्षेत्र। हमारी आस्था, श्रद्धा, विश्वास के प्रतीक श्री राम मंदिर के निर्माण की देखरेख श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा की जा रही है। अयोध्या में बन रहा यह मंदिर राम जन्मभूमि के स्थान पर बनाया जा रहा है। रामायण के अनुसार राम जन्मभूमि ही भगवान राम का जन्मस्थान है। यह मंदिर दुनिया के तीन सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक होगा।
यह कहना है राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का। वे मंगलवार देर रात गीता ज्ञान संस्थान में रामलीला के तीसरे दिन के मंचन का शुभारंभ करने के उपरांत लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भक्ति आंदोलन का आरंभ दक्षिण भारत में आलवारों एवं नायनारों से हुआ, जो कालांतर में (800 ई से 1700 ई के बीच) उत्तर भारत सहित सम्पूर्ण दक्षिण एशिया में फैल गया था। भक्ति आंदोलन का उद्देश्य हिंदू धर्म एवं समाज में सुधार एवं आपसी सद्भाव स्थापित करना था। हमारे धार्मिक ग्रंथ रामायण से हमें एक अच्छा भाई, अच्छा पुत्र, अच्छा पति, अच्छा शासक व अच्छा मित्र बनने की प्रेरणा मिलती है। यदि हम इस पावन ग्रंथ से प्रेरणा लेकर स्वार्थ को त्याग दें तथा दया, प्रेम व सहयोग की भावना से जीवन व्यतीत करें तो यह धरती स्वर्ग का स्वरूप ले सकती है। इसी संदर्भ में हम सबके लिए गर्व की बात है कि हमारी आस्था, श्रद्धा, विश्वास का प्रतीक राम मंदिर अयोध्या में बन रहा है।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता ज्ञान संस्थानम में पहली बार अंतरराष्ट्रीय रामलीला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस रामलीला के मंच पर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से युवा कलाकार रामलीला में बेहतरीन अभिनय कर रहे हैं। इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को भगवान श्री राम के जीवन से प्रेरणा मिलेगी। ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने कहा कि रामायण एक महान ग्रंथ है। इस ग्रंथ से प्रेरित होकर ही गीता ज्ञान संस्थानम केंद्र में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के प्रयासों से पहली बार बड़े मंच पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति विश्व में सबसे समृद्ध संस्कृति है। इस संस्कृति को सहेजकर एक अनोखा कार्य किया जा रहा है।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अखिल पिलानी, विद्या भारती के संगठन मंत्री बालकिशन, विधा भारती के सह संगठन सचिव विजय नड्डा, आरएसएस के प्रांत सह कार्यवाह डा. प्रीतम सिंह, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. संजीव शर्मा, 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।