इस्माईलाबाद। राजकीय महाविद्यालय चम्मू कलां के वाणिज्य विभाग की ओर से वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में आज के परिप्रेक्ष्य में परीक्षा प्रणाली के दोष व सोशल नेटवर्किंग साइट वरदान या अभिशाप विषय रहा। प्रतियोगिता में अवनीत प्रथम, मंदीप व कुलविंद्र दूसरे व तृतीय स्थान पर तान्या व हरमन रहे।
संयोजक प्रो. महक सिंगला ने कहा कि प्रचलित परीक्षा प्रणाली में परीक्षार्थी की सफलता संयोग पर निर्भर होती है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली का एक यंत्र है जिसमें मानवीय तत्वों का विचार किए बिना परिणाम निकाले जाते हैं। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग साइट के सही उपयोग के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए इस प्रतियोगिता के आयोजन को सफल तथा महत्वपूर्ण बताया।
प्राचार्य सविता कुमारी ने कहा कि आधुनिक परीक्षा के लिए बहुत से परीक्षार्थी वर्ष भर अध्ययन नहीं करते बल्कि परीक्षा आने के पूर्व कुछ सप्ताह या कुछ माह परिश्रम करके परीक्षा में बैठ जाता है। इस प्रकार पढ़ने वाले विद्यार्थी में पास होने के बाद भी विषय की योग्यता नहीं होती। सोशल नेटवर्किंग साइट का प्रयोग जहां विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभकारी है, उतना ही विद्यार्थी इसके मकड़जाल में फंसते जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को जागरूक रहना चाहिए।