संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा शनिवार को कहा कि एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली की ऑटोमेशन में अहम भूमिका है। आईयूएमएस विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को तीव्र करने व पारदर्शिता लाने, परीक्षा, अकाउंट्स, ई-फाइलिंग सिस्टम सहित सभी विभागीय कार्यों के लिए उपयोगी है। ने विश्वविद्यालय में कार्यरत सहायकों के अंतिम बैच के लिए आयोजित ऑफिस आटोमेशन पर आधारित साप्ताहिक रिफ्रेशर कोर्स के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
इससे पहले केयू कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. राजेंद्र नाथ, डॉ. राकेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कुलपति ने कहा कि आईयूएमएस के आने से ऑटोमेशन के तहत फाइलों को ट्रैक करना आसान होगा। इसके साथ ही समयबद्धता के कारण उस फाइल पर तय समय में एक्शन करना होगा। विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का तकनीकी रूप से दक्ष होना समय की मांग है। आईयूएम सिस्टम विश्वविद्यालय की बेहतरी के लिए है। आईयूएम को विश्वविद्यालय में जल्द पूर्ण रूप से लगाया जाएगा।
रिफ्रेशर कोर्स के कोऑर्डिनेटर डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में फॉर्मेटिंग मूल्यांकन पर जोर दिया गया है जिसमें प्रत्येक दिन मूल्यांकन की बात कही गई है। इसके साथ ही वर्तमान युग में सोक्रेटिव टूल जैसे गूगल फॉर्म, गूगल मीट, वर्ड, एक्सेल के साथ अन्य एप्लीकेशन को सीखने की जरूरत है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर का मूल्यांकन तुरंत किया जा सकता है।
रिफ्रेशर कोर्स के समापन पर ऑनलाइन परीक्षा भी आयोजित की गई जिसमें सभी प्रतिभागियों से 110 प्रश्न गूगल फॉर्म के माध्यम से पूछे गए। सभी प्रतिभागियों ने इसे पास किया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि कोर्स में सहायकों के प्रशिक्षण के लिए तीन बैच बनाए गए थे जिसमें 150 सहायकों को कंप्यूटर एवं ऑटोमेशन का सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक ज्ञान दिया गया। इस मौके पर मनदीप शर्मा, वर्षा, दिनेश शर्मा, वीरेंद्र कुमार, अमीर खान, लिपिक वर्षा, सौरभ दहिया, मोहित शारदा आदि मौजूद रहे।