फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: सीजन की शुरूआत में ही ब्रह्मसरोवर बन गया अस्थायी अनाज मंडी, पर्यटकों को लगेगा बड़ा झटका

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर की पार्किग बनी अस्थाई मंडी----- ज्ञान मंदिर के पास किसानों द्वारा डाली - फोटो : अकादमी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। देश के आइकॉनिक पैलेस में शुमार पवित्र ब्रह्मसरोवर पर आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को अब गेहूं के सीजन में बड़ा झटका लगने वाला है। यहां उन्हें सैर करना मुश्किल होगा। इसका कारण यहां बनाई जा रही अस्थायी अनाज मंडी होगी।
विज्ञापन

अभी गेहूं का सीजन शुरू ही हुआ है और अनाज मंडियों में आवक ज्यादा नहीं हुई है, जिसके चलते मंडियां अभी खाली ही है। इसके बावजूद पवित्र ब्रह्मसरोवर को अभी से ही अस्थायी अनाजमंडी का स्वरूप दिया जाने लगा है। ब्रह्मसरोवर के चारों ओर गेहूं की ढेरियां डालीं जाने लगी है। यहां तक कि केयू थाना के समीप व 18 मंजिला ज्ञान मंदिर के समीप पार्किंग में गेहूं की ढेरियां लगा दी गई हैं। यहां वीरवार देर रात तक गेहूं डाला जाता रहा। हर सीजन की तरह इस बार भी यहां अस्थायी अनाजमंडी से पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।


कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड जता चुका आपत्ति
बता दें कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ब्रह्मसरोवर परिसर को अस्थायी अनाजमंडी बनाए जाने पर आपत्ति जता चुका है। जिला उपायुक्त को पत्र लिखा गया तो वहीं बताया गया कि यहां मंडी बनने से जहां पर्यटकों को दिन-रात धूल के गुबारों का सामना करना पड़ता है और हादसे का खतरा भी रहता है। यही नहीं ट्रैक्टर से लेकर ट्रक तक दौड़ते हैं, जिससे सड़कें व अन्य आधारभूत संरचना भी क्षतिग्रस्त होती है।
विज्ञापन



आज फिर लिखा जाएगा पत्र : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि प्रशासन को सीजन शुरू होने से पहले ही वे ब्रह्मसरोवर को अस्थायी अनाज मंडी न बनाए जाने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद यहां गेहूं की ढेरियां लगाई जानी शुरू हो चुकी हैं। शुक्रवार को फिर एक पत्र जिला उपायुक्त को लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां हर रोज पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचते हैं लेकिन ब्रह्मसरोवर के चारों ओर मंडी बनने से पर्यटक किनारा करने लगते हैं। केडीबी को बड़ा नुकसान भी झेलना पड़ता है। अभी सीजन ठीक से शुरू नहीं हुआ और यहां मंडी बनानी शुरू कर दी गई है। सीजन चरम पर होगा तो यहां क्या हालात होंगे, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें