कुरुक्षेत्र। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। इसमें शिक्षकों की नए प्रवेश प्रक्रिया में ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद जनगणना कार्य में ड्यूटी लगाए जाने से कई स्कूल खाली हो गए हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई शुरुआत में ही प्रभावित होने लगी है। किसी स्कूल में एक शिक्षक ही तीन-तीन कक्षाओं को संभाल रहा है तो कहीं पर एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है।
शहर के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ही कक्षा छठी से आठवीं तक 10 शिक्षक हैं। इनमें से नौ शिक्षकों को जनगणना प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। ऐसे में यहां केवल एक शिक्षक के भरोसे ही तीनों कक्षाओं के बच्चे हैं। यह शिक्षक भी दिव्यांग है।
ऐसे ही हालात राजकीय विद्यालय मेहरा के हैं, जहां 10 शिक्षक हैं। इनमें से पांच पहले ही बीएलओ का कार्यभार संभाल रहे हैं। वहीं अब बाकी पांच भी विभागीय आदेशानुसार जनगणना प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे स्कूल पूरी तरह से बंद होने की कगार पर हैं। इसके अलावा रामशरण माजरा स्थित सरकारी स्कूल के भी सभी शिक्षकों को जनगणना प्रशिक्षण लेने के आदेश दिए हुए हैं। वहीं मौजूदा समय में लाडवा, बाबैन और थानेसर समेत जिले के कई और गांवों के स्कूलों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
जिले के करीब 1750 शिक्षकों की लगी ड्यूटी
जिले में करीब 1750 शिक्षकों की ड्यूटी घर-घर जाकर डाटा लाने में और इससे अलग 280 सुपरवाइजर के तौर पर नियुक्त किए गए हैं। इससे कई स्कूल पूरी तरह से बिना शिक्षक के चल रहे हैं। क्षेत्र के अधिकतर सरकारी स्कूलों के शिक्षक 6 अप्रैल से तीन दिवसीय जनगणना कार्य की ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसके अलावा वीरवार से 11 अप्रैल तक दोबारा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पीजीटी और टीजीटी समेत सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगी है।
जिले में 143 प्राइमरी, 58 मिडिल स्कूल
वर्तमान में जिले के थानेसर ब्लॉक में 143 प्राइमरी, 58 मिडिल स्कूल, 10 हाई स्कूल और 26 सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। कुल 239 स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी तरह से खल रही है। इसके अतिरिक्त जिले में करीब 773 सरकारी स्कूल हैं, ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
20 से 25 किलोमीटर दूर लगी है ड्यूटी : आरपीएस
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव संदीप चौहान ने कहा कि शिक्षकों को जनगणना कार्य के लिए ड्यूटी करने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सभी की ड्यूटी करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर लगाई गई है। इससे बच्चों की पढ़ाई जरूर प्रभावित होगी। शिक्षक संघ ने कहा कि वे चाहते हैं कि कम से कम स्कूल के दायरे में या पांच किलोमीटर तक जनगणना का काम मिले, ताकि शिक्षक पढ़ाई और काम दोनों कर सकें।
स्कूलों के हालात का लिया जा रहा ब्योरा : डीईओ
डीईओ विनोद कौशिक ने कहा कि जिन शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी लगाई जानी है, उन्हें फिलहाल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह तीन-तीन दिन के लिए है। जो-जो स्कूल ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, उनका ब्योरा लिया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र। स्कूल में पढ़ते हुए बच्चे । संवाद