कुरुक्षेत्र। रावण, कुंभकरण व मेघनाद के तैयार किए गए पुतलों की जांच करते फतेहचंद गांधी। संवाद
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में 2 अक्तूबर को दशहरा पर्व हर वर्ष की भांति इस बार भी हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। केशव पार्क में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए जाएंगे। इस बार धू-धू कर जलने वाला रावण का पुतला बेहद खास होगा, जो रिमोट का बटन दबाते ही मुंह व आंखों से भी आग उगलने लगेगा। मेरठ के मवाना के रहने वाले नौ कारीगरों की ओर से करीब एक माह की कड़ी मेहनत से ये पुतले तैयार किए गए हैं। अब इन्हें अंतिम रूप दिया जाना है।
200 बांस की खपत कर 65 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है जिसमें एक हजार बम लगाए जाएंगे। वहीं 60 फीट के कुंभकरण के पुतले में 600 और 55 फीट के मेघनाद के पुतले में 200 बम लगाए जाएंगे। इसके साथ ही रावण की सोने की लंका भी तैयार की गई है, जो रावण के अहंकार के साथ खाक हो जाएगी।
कुरुक्षेत्र दशहरा कमेटी के प्रधान अमित गुलाटी व महासचिव फतेह चंद गांधी का कहना है कि कमेटी करीब 50 साल से हर बार यह आयोजन करती रही है। इस बार भी कमेटी ने यह पर्व मनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। इन्हीं के बीच रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले भी तैयार करवाए गए हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पर्व के दौरान कमेटी के संरक्षक एवं विधायक अशोक अरोड़ा व पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा के मौजूद रहने की उम्मीद है। दोनों को ही निमंत्रण दिया गया है। यही नहीं मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी आमंत्रित किए जाने की तैयारी की जा रही है।
45 साल में 35 फीट बढ़ गया रावण का कद
मुख्य कारीगर शमा खान का कहना है कि वे कुरुक्षेत्र में पिछले 45 साल से रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले बना रहे हैं। जब उन्होंने पहली बार करीब 45 साल पहले पुतले बनाए तो रावण का पुतला 30, कुंभकरण का 25 व मेघनाद का 20 फीट ऊंचा था। समय के साथ ये पुतले भी बड़े बनाए जाने लगा और इसमें नई तकनीक भी प्रयोग की जाने लगी। पिछले तीन साल से पुतले रिमोट से जलाए जाने लगे।
कुरुक्षेत्र। रावण, कुंभकरण व मेघनाद के तैयार किए गए पुतलों की जांच करते फतेहचंद गांधी। संवाद
कुरुक्षेत्र। रावण, कुंभकरण व मेघनाद के तैयार किए गए पुतलों की जांच करते फतेहचंद गांधी। संवाद