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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र की धरा पर आते ही भाजपा के कमल को महाभारत के चक्रव्यूह से जोड़ गए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

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कुरुक्षेत्र। भारत जोड़ो पदयात्रा के दौरान पिछले वर्ष आठ जनवरी के बाद सोमवार को दूसरी बार कुरुक्षेत्र की धरा पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी महाभारत और उसमें रचे गए चक्रव्यूह को भाजपा के कमल के साथ जोड़ गए, जिसके साथ उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए इसे तोड़ने का भी आह्वान किया।
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राहुल गांधी ने आपका मूड कैसा है के साथ संबोधन किया तो शुरूआत में ही उन्होंने भाजपा को घेरना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने लोकसभा में कुरुक्षेत्र में हुए महाभारत और उसमें चक्रव्यूह रचकर अभिमन्यु के मारे जाने का जिक्र किया था। इसके बाद उन्होंने चक्रव्यूह को समझने के लिए सर्च किया तो पता चला कि इसका दूसरा नाम पदव्यूह भी है। महाभारत में चक्रव्यूह छह लोग ही चलाते थे जबकि सेना हजारों की होती थी। इस चक्रव्यूह की रचना कमल के आकार की ही होती थी। महाभारत के दौरान भी चक्रव्यूह रचा गया था और आज भी रचा जा रहा है। इसमें भी प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, अजीत डोबाल, मोहन भागवत, अदाणी व अंबानी शामिल है। इनके चक्रव्यूह का निशान भी कमल है। हर युवा को अभिमन्यु नहीं अर्जुन बनकर यह चक्रव्यूह तोड़ना होगा।
राहुल ने साथ में कांग्रेस के हाथ का जिक्र किया और कहा कि यह अभय मुद्रा है। हर महापुरूष इसी मुद्रा में दिखाई देते हैं, जिसका मतलब होता है साहस का। कांग्रेस अपने निशान से साहस पैदा कर रही है तो भाजपा कमल से चक्रव्यूह रच रही है। यही फर्क है कांग्रेस और भाजपा में।
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मोदी खुद मानते हैं कि वे बॉयलोजिकल नहीं
राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी ने खुद कहा है कि वे अन्य लोगों की तरह बॉयलोजिकल नहीं है। उनका सीधा संबंध भगवान से है और जो वे आदेश देते हैं वही लागू कर देते हैं। बाद में हर किसी को पता चल गया कि उनके भगवान तो अदाणी है और ऐसे ही अरबपतियों का 16 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया जबकि किसान कर्ज माफी व एमएसपी के लिए गोलियां खाते रहे।



कभी भी जरूरत पड़े दो मिनट में खड़ा मिलूंगा
लोगों से अपनापन जोड़ते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे कुरुक्षेत्र व हरियाणा के लोगों के लिए हमेशा तैयार है। उन्हें कभी भी जरूरत लगे तो संदेश दें, दो मिनट में उनके लिए खड़ा मिलूंगा। लोकसभा में उनकी हर आवाज को उठाता रहूंगा। बस वे न्याय के लिए लड़ें।



प्रियंका बोलीं, पांच पांडवाें की तर्ज पर डटे रहें जीत न्याय की होगी
प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र धर्मक्षेत्र है। धर्म का संदेश यहीं से पूरी दुनिया में गया। यही पर महाभारत में पांच पांडव न्याय के लिए डटे रहे और जीत उनकी ही हुई। अब फिर हरियाणा में न्याय के लिए जंग है, जिसमें भी निडरता के साथ खड़ा रहना होगा। अंत में जीत हमारी ही होगी। उन्होंने कहा कि वे यहां कई बार आई और अपने गुरुजन से मिलती रहीं। वे भी यहीं शिक्षा देते थे। उन्होंने कहा कि आज महंगाई चरम पर है। किसान भूखे मर रहे हैं। अपनी मांग उठाने पर भाजपा उन्हें आतंकवादी बताती है। एमएसपी दिया नहीं और जो दिया वे फसलें यहां होती नहीं। बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल दिया। देश की खिलाड़ी बेटियां न्याय के लिए सड़कों पर लड़ती रही। ऐसे हालात से निपटने के लिए लड़ना होगा। उन्होंने विनेश फौगाट के प्रत्याशी बनने की सराहना की तो कहा कि उसमें पूरे देश की बेटियों का साहस नजर आता है।
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झलकियां
- पांच बजकर 10 मिनट पर राहुल गांधी व प्रियंका गांधी मंच पर पहुंचे।
- प्रियंका 13 मिनट तो राहुल गांधी ने 25 मिनट दिया भाषण दिया।
- राहुल से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा व सैलजा ने भी किया संबोधन।
- राहुल गांधी से हुड्डा बार-बार करते रहे गुफ्तगू, लेकिन सैलजा के साथ मंच पर कोई चर्चा नहीं हुई।
- दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में भी किसी का नहीं लिया नाम।
- पहले शाहाबाद में तो फिर पिपली में हुआ राहुल गांधी व प्रियंका गांधी का स्वागत।
- रैली स्थल के समक्ष रतगल गांव के गुरुद्वारे में टेका माथा।
- हुड्डा ने राहुल गांधी की जमकर की तारीफ, बोले न्याय के लिए लड़ रहे।
- सैलजा ने राहुल गांधी को बताया दबे-कुचले वर्ग की आवाज तो भाजपा पर जमकर बरसी।
- कार्यकर्ताओं में दिखा जोश
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