कुरुक्षेत्र। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री कुरुक्षेत्र चैप्टर की वार्षिक आम सभा का सोमवार को एक निजी होटल में आयोजन किया गया। इसी दौरान उपरांत व्यवसाय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर एक विशेष गोष्ठी की गई, जिस दौरान व्यापार, उद्योग और नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री कुरुक्षेत्र चैप्टर के चेयरमैन डाॅ. नरेंद्र पाल गुप्ता ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यापार जगत में एक क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है, जिससे व्यापारिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और लाभदायक बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक प्रो. बीवी रमण रेड्डी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। गोष्ठी में प्रमुख वक्ताओं में डा. नीरज कौशिक (एसोसिएट प्रोफेसर एन आईटी कुरुक्षेत्र), डाॅ. प्रियंका सिहाग (असिस्टेंट प्रोफेसर एनआईटी कुरुक्षेत्र) और डाॅ. मोहित कुमार ओझा (असिस्टेंट प्रोफेसर एनआईटी कुरुक्षेत्र) शामिल रहे।
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के राज्य अध्यक्ष विनोद खंडेलवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए व्यापार जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस आयोजन में हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पूर्व अध्यक्ष रजनीश गर्ग, सोनीपत चैप्टर के चेयरमैन राकेश छाबड़ा, सोनीपत चैप्टर के महासचिव मनीष छाबड़ा, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष आर. एल. शर्मा, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सचिव मनोज अरोड़ा सहित कई गणमान्य उद्योगपति एवं व्यवसायी उपस्थित रहे।
आम सभा की बैठक में किया उपलब्धियों का उल्लेख ःवार्षिक आम सभा की बैठक में वर्ष 2024-25 की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में डाॅ. नरेंद्र पाल गुप्ता ने उल्लेख किया। उन्होंने उपलब्धियों के बारे में बताया कि व्यवसाय में उत्कृष्टता: श्रीमद्भगवद गीता से प्रेरणा सेमिनार का आयोजन, जिसमें आईआईएम तिरुचिरापल्ली के निदेशक प्रो. पवन कुमार सिंह मुख्य वक्ता रहे।
एमएसएमई स्कीम, स्टार्टअप निर्माण, उद्यमिता विकास एवं निवेश विकल्प विषय पर सेमिनार जिस में विशेषज्ञों ने एमएसएमई योजनाओं और निवेश अवसरों की जानकारी दी। लोन स्कीम्स एवं अन्य एमएसएमई योजनाएं विषय पर सेमिनार जिसमें एमएसएमई और नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल नई दिल्ली के निदेशकों ने उद्यमियों को जागरूक किया। जीएसटी, इनकम टैक्स और औद्योगिक नीतियों पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।