संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सेक्टर तीन में एक निजी स्कूल व आईटीआई के पास कई सालों से चल रहे देह व्यापार का पर्दाफाश हुआ। यह धंधा यहां करीब सात साल से चल रहा था, जिसकी कई साल तक तो किसी को कानों कान खबर भी नहीं हुई। सोमवार देर रात पुलिस ने बोगस ग्राहक भेजकर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार की अगुवाई में थाना सदर व महिला थाना पुलिस की टीम ने रेड की तो चार युवतियों व तीन युवकों को संदिग्ध अवस्था में पाया। पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया। वहीं चारों युवतियों को हिरासत में लेकर पूछपाछ की जा रही है। यह धंधा सेक्टर तीन के एक किराये के मकान में चल रहा था।
बताया गया की सेक्टर-3 में हरीश कुमार पुत्र सूबा सिंह वासी रामनगर जिला करनाल ने करीब सात साल पहले किराये पर एक मकान लिया था। तभी से यहां वेश्यावृत्ति का धंधा किया जा रहा था, जिसका कई सालों तक तो सेक्टरवासियों को पता नहीं चला। धंधे के लिए महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब व चंडीगढ़ से युवतियों को लाया गया था, जिन्हें 15 हजार रुपये प्रति माह दिए जाते थे। वहीं युवतियों को ग्राहक तक पहुंचाने के लिए एक आई-20 गाड़ी व ड्राइवर रखा हुआ था, जोकि युवती को छोड़कर व वापस लेकर आया करता था। किराये के मकान में चल रहा यह धंधा धीरे-धीरे पूरे सेक्टर में पांव पसारने लगा था, जिससे सेक्टरवासियों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा था। इस सेक्टर में एक निजी स्कूूूल व आईटीआई भी जहां रोजाना हजारों छात्र-छात्राओं का आना-जाना होता है, इसलिए यह एक चिंता का विषय बना हुआ था। सेक्टर वासियों ने कुछ दिन पहले इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी को दी थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने सेक्टर पांच चौकी इंचार्ज महींद्र सिंह को टीम गठित कर रेड करने के आदेश दिए थे। सेक्टर पांच चौकी इंचार्ज ने थाना सदर, महिला पुलिस थाना से संपर्क कर डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार की अगुवाई में रात्रि करीब साढ़े नौ बजे रेड की। रेड से पहले पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक बोगस ग्राहक बनाकर भेजा था, जिसे महिला पुलिस थाना प्रभारी ने 500-500 के नोट पर अपने हस्ताक्षर करके दिए और आरोपियों से सौदा करने को कहा। बोगस ग्राहक 500-500 के नोट लेकर मकान में चला गया और प्लान अनुसार वे नोट आरोपियों को दे दिए और पुलिस को इशारा भी कर दिया। इशारा पाते ही पुलिस टीम ने मकान में पहुंची तो ड्राइंग रूम में सोफे पर तीन युवक बैठे थे, जिन्हें काबू कर उनका नाम पूछा तो उन्होंने अपना नाम हरीश कुमार पुत्र सूबा सिंह वासी रामनगर जिला करनाल, प्रदीप पुत्र रामकिशन रायपुर जिला करनाल और बीरज पुत्र बहादुर सिंह लिक्शू, जिला रामेछाप नेपाल बताया। जब हरीश कुमार की तलाशी ली गई तो उसकी जेब से हस्ताक्षर किए हुए 500-500 के नोट बरामद हुए। दूसरे कमरों में तलाश के दौरान चार युवतियां भी मिलीं। पुलिस ने तीनों युवकों को काबू कर मंगलवार अदालत में पेेश किया, जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया। वहीं चारों युवतियों को हिरासत मेें लेकर पूछताछ की गई।
15 हजार रुपये महीना के हिसाब से रखी हुई थी युवतियां
वेश्यावृति के लिए हरीश कुमार ने अलग-अलग राज्यों से चार युवतियों को रखा हुआ था, जिन्हें वह 15 हजार रुपये प्रतिमा दिया करता था। इन युवतियों को वेश्यावृत्ति के लिए ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए एक स्पेशल गाड़ी व ड्राइवर रखा हुआ था। जोकि उन्हें छोड़कर व वहां से वापस लेकर आता था।
शादीशुदा से भी कराया जा रहा था धंधा
वेश्यावृत्ति में पूछताछ के लिए हिरासत में ली गई युवतियों में एक शादीशुदा भी है, जिसे महाराष्ट्र से लाया गया था। वेश्यावृति कर रही इन सभी युवतियों को कमरों में बंद कर रखा जाता था। उन्हें बाहर सिर्फ ग्राहक द्वारा बुलाने पर गाड़ी से ही भेजा जाता था।
आरोपियों को भेजा जेल: डीएसपी
डीएसपी धीरज कुमार ने कहा कि रेड के दौरान गिरफ्तार मुख्य आरोपी हरीष के साथ प्रदीप व बीरज को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी के आदेश अनुसार यह कार्रवाई की गई थी।