पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए गीता नगरी का बहुत महत्व है। इसके बाद भी यहां विकास दूर-दूर तक नजर नहीं आता।
महाभारत कालीन नगरी के तीर्थ स्थानों पर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। इससे यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। तीर्थ स्थानों को सुंदर और विकसित करने के वादे होते रहे हैं, लेकिन हकीकत से यह कोसों दूर है।
नगरी के सन्निहित सरोवर और ब्रह्मसरोवर पर प्रत्येक अमावस्या और सूर्य ग्रहण पर पूरा विश्व से पर्यटक स्नान के लिए आते हैं।
आज वहां के जल में काई साफ देखी जा सकती है। कमल कुंज में बदहाल कुंज की स्थिति की बात हो या फिर ब्रह्मसरोवर पर कूडे़दान का हाल सभी जगह संभाल की कमी है। तीर्थ स्थानों के सरोवरों की हालात तो दयनीय बन चुकी है।
यहां पर साफ-सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की जा रही है। हालांकि, सरोवर पर पर्यटन पुलिस के आ जाने से वहां पर पर्यटकों को किसी प्रकार की क्षति में कमी आ रही है। लेकिन, पर्यटन की सोच से विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से वंचित इस धरा को धरोहर बनने की दरकार है।
क्या-क्या थीं योजनाएं- ज्योतिसर तीर्थ पर भगवान श्रीकृष्ण का 50 फुट ऊंचा विराट स्वरूप - ज्योतिसर में ऑडिटोरियम हॉल बनाने के लिए 45 करोड़ रुपये की राशि -ब्रह्मसरोवर पर चलते हुए पानी की सुविधा उपलब्ध करवाना- पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर चलते पानी की सुविधा उपलब्ध करवाना-पर्यटकों को महाभारत से जुड़े अहम पहलुओं को दिखाने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष योजना तैयार का अधूरा कार्य- ब्रह्म सरोवर, सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर, नरकातारी और अमीन को कृष्णा सर्किट में शामिल करना। इसे लिए 158 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। - ज्योतिसर में महाभारत और गीता उपदेशों को चित्रण के माध्यम से आधे घंटे की 4डी मूवी दिखाना- नरकातारी तीर्थ पर भीष्म पितामह से जुडे़ इतिहास को सुंदर तरीके से प्रदर्शित करना - गांव अमीन में अभिमन्यु का एक काल्पनिक चक्रव्यूह दिखाना - ब्रह्मसरोवर पर रात्रि के समय लेजर शो दिखाने के प्रोजेक्ट को स्थापित करना - धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में रेलवे स्टेशन और शहर की साज-सज्जा करना- पर्यटकों के लिए हरियाणवी खान-पान की व्यवस्था करना- सड़कों का निर्माण और पर्यटकों के लिए यातायात व्यवस्था पर 20 करोड़ रुपये खर्च करना - पैनोरमा को डिजिटल करने और लेजर शो के लिए 50 करोड़ का प्रस्ताव- कुरुक्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारों को सुंदर बनाने का काम-कुरुक्षेत्र को विकसित करने के लिए मास्टर प्लान का प्रस्ताव-प्रोजेक्ट्स के साथ आमजन को जोड़ने के लिए पहल-प्रोजेक्ट विजन में समाज और सरकार को मिलकर कुरुक्षेत्र का कायाकल्प करना- 30 एकड़ जमीन पर गीता शोध केंद्र स्थापित करना- कुरुक्षेत्र के चारो तरफ रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव- कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी को केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव- एआईटी को आईआईटी का दर्जा देने का प्रस्ताव- श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा देने- धरोहर को और भी बेहतर तरीके से विकसित करना - श्रीकृष्ण संग्रहालय, सन्निहित सरोवर, ब्रह्मसरोवर और शेख चेहली मकबरे को सुंदर बनाना
क्या-क्या हुआहाल ही में ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर और श्रीकृष्णा म्यूजियम में फ्री वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मोबाइल पर 256 केबी की स्पीड पर पर्यटक 48 कोस भूमि के पर्यटन स्थलों के बारे में जान सकते हैं। ब्रह्मसरोवर में पर्यटकों की सहायता के लिए पर्यटन पुलिस थाने की स्थापना। पिहोवा में सरस्वती प्रोजेक्ट का काम लटका पड़ा है।