कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) के सदस्य की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब सुलझने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसको लेकर बनी कमेटी ने अपनी वरिष्ठता सूची तैयार कर ली गई है और अब इसी सूची के आधार पर बीओजी में खाली हुए शिक्षक सदस्य के पद पर नियुक्ति होने की संभावना है। वरिष्ठता की अनदेखी को लेकर पिछले कई महीनों से संस्थान में चर्चाएं और शिकायतें चल रही थीं।
बीओजी में शिक्षक प्रतिनिधि की नियुक्ति को लेकर कुछ वरिष्ठ शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय तक शिकायत पहुंचाई थी। उनका आरोप था कि पिछली नियुक्तियों में वरिष्ठता को नजरअंदाज किया गया। इसी बीच मार्च में केंद्रीय मंत्रालय ने तत्कालीन निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी की शक्तियों पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईटी प्रशासन ने मई में छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी को एक माह के भीतर वरिष्ठता सूची तैयार कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है और अब इसे केंद्रीय मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहीं मार्च के अंत में निदेशक की शक्तियों पर रोक लगने के बाद अप्रैल में प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।