शाहाबाद।पूर्व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी को सम्मानित करते ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र की संचालिका बीक
शाहाबाद। जब हमारे साथ कोई अन्याय या कुछ गलत होता है तो हम उसे भुला नहीं पाते। उस दर्द से हम चिपके रहते हैं। उसे बार-बार याद करके हम अपने आप को ही सजा देते हैं। उस दुखद अतीत और दर्द से छुटकारा पाने का तरीका है माफ करना। इसलिए यदि किसी से हम बदला लेना चाहते हैं तो उसे क्षमा कर दें। यदि किसी को हमने कष्ट दिया हो तो उस से क्षमा याचना कर लें। यह बात अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू से आए मोटिवेशनल वक्ता प्रो. ओंकार चंद ने कही। वे ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अटारी कॉलोनी स्थित सेवा केंद्र में खुशियां आपके द्वार विषय पर आयोजित 11 दिवसीय राजयोग मेडिटेशन शिविर के पांचवें दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि सभी धर्म यही कहते हैं यदि हम क्षमा करेंगे तो भगवान भी हमें क्षमा करेंगे। अगर जीवन में कोई दान न भी कर सके तो क्षमादान तो कर ही सकते हैं। माफ कर देना माफी मांगने से कोई इंसान छोटा नहीं बन जाता बल्कि गुणवान ही बनता है। इसलिए क्षमा मांगने में अहंकार नहीं दिखाना चाहिए। गुस्सा शक्ति नहीं है बल्कि कायरता है। शक्तिशाली तो वह है जो क्रोध का जवाब शांति, प्रेम व धैर्य से दे। करीब 70 प्रतिशत बीमारियों का कारण तनाव है। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, अर्जुन देव गांधी, खंड शिक्षा अधिकारी एसएस आहूजा, पवन गर्ग, बलदेव राज सेठी, पार्षद अमित सिंगला सहित अन्य मौजूद रहे।