संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। अनाज मंडी में सूरजमुखी की खरीद प्रक्रिया में देरी के लिए वीरवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
दोपहर तीन बजे तक खरीद कार्य शुरू न होने से किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रवक्ताओं से संपर्क कर उन्हें स्थिति से अवगत करवाया। भाकियू चढूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस, कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह मामूमाजरा, तथा ब्लॉक प्रधान हरकेश खानपुर मंडी पहुंचे और मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना दिया।
धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में राकेश बैंस ने बताया कि बुधवार को कुछ किसान सूरजमुखी की फसल मंडी में लेकर आए थे लेकिन तौल के दौरान लापरवाही से सूरजमुखी की बोरियों को नीचे गिरा दिया गया था जिसका वीडियो वायरल हो गया।
इस वीडियो के सामने आने के बाद अधिकारियों को हरकत में आना पड़ा लेकिन सुबह जब खरीद प्रक्रिया दोबारा शुरू होनी थी, तो लेबर ठेकेदार ने काम का अत्यधिक दबाव बताकर श्रमिक भेजने से मना कर दिया। बैंस ने कहा कि प्रशासनिक ढिलाई और अव्यवस्था के चलते किसान रातभर मंडी में अपनी फसल के साथ इंतजार करते रहे, लेकिन खरीद नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में प्रशासन के पास खरीद का कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं था। किसानों ने खरीद कार्य जल्द सुचारू रूप से शुरू करने की मांग रखी। भाकियू के कार्यकारी प्रधान जसबीर सिंह मामूमाजरा ने कहा कि अधिकारी जमीन की सच्चाई से अनजान हैं। अगर सरकार स्थायी और सुसंगत पॉलिसी बनाकर उसे सख्ती से लागू करे, तो इस तरह की समस्याओं से किसानों को बार-बार जूझना नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष किसानों को ऐसे ही धरनों और प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि शाहाबाद मंडी में खरीद में अड़चन आती है, तो वे पास की अन्य मंडियों झांसा, बराड़ा, इस्माईलाबाद आदि में अपनी फसल बेचें। इस मौके पर भाकियू की कोर कमेटी के सदस्य सुखचैन पाडलू, मुख्तियार सिंह मुत्ती, केहर सिंह दामली, हाकम सिंह रतनगढ़ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जल्द मांग शुरू नहीं हुई तो किसान कड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।