कुरुक्षेत्र। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर अपनी मांगों को लेकर सोमवार को सड़कों पर उतर आई। यूनियन ने जिला प्रधान कलावती की अगुवाई में जमकर प्रदर्शन किया तो वहीं 17 सूत्रीय मांगों का मांगपत्र उपायुक्त एवं विभाग के उच्चाधिकारियों को सौंपा।
कलावती ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से आंगनबाड़ी वर्करों को पोषण ट्रैक एप का ऑनलाइन काम करवाया जा रहा है, लेकिन सरकार से कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही है, न ही मोबाइल दिया गया है। इस कार्य को करने के लिए आंगनबाड़ी वर्करों कोई ट्रेनिंग भी नहीं दी गई है और वर्करों दबाव बनाया जा रहा है। यूनियन की प्रधान कलावती ने कहा कि उनकी मांगों की तरफ शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो वे पहले की तरह बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगी।
कलावती ने बताया कि सेल्फ हेल्प ग्रुप को 2019 से 2022 तक का लेबर का कोई पैसा नहीं दिया गया है। यूनियन कई बार लिखित में शिकायत दे चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। राशन बनाने के लिए आंगनबाड़ी वर्करों को सिलिंडर का कोई पैसा नहीं दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें हर माह सिलिंडर का पैसा व लेबर दी जाए, ताकि वे अपना काम सुचारू रूप से चला सकें।
मांगपत्र में कहा है कि आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों को दो साल से वर्दी का पैसा नहीं दिया गया, उसे शीघ्र दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्पर का मानदेय का हर माह की आठ तारीख तक जाए, ऑनलाइन काम करवाने के लिए डाटा का पैसा दिया जाए। आंगनबाड़ी सेंटरों का किराया एक साल से नहीं आया, वो दिया जाए। पिहोवा, शाहाबाद, लाडवा, बाबैन व थानेसर का कई माह से रुका हुआ मानदेय भत्ता दिया जाए, आंगनबाड़ी वर्करों से बीएलओ की ड्यूटी न करवाई जाए, आंगनबाड़ी वर्कर को न्यूनतम वेतन 24,00, व हेल्पर का 16,000 किया जाए। बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुए सरकार महंगाई भत्ता लागू करे। तीन किलोमीटर की दूरी को हटाकर टीए, डीए दिया जाए। इस मौके पर निर्मला, कमलेश, भारती बीनू, परमिन्दर, निगा, अंशुल, तारा, अंजू, पुष्पा, मीनू, पीना, मीनू (ग्रामीण) ज्योति भिवानी खेडा, नीलम आदि मौजूद रही।