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Kurukshetra News: मारकंडा उफान पर, टूटा 45 वर्ष का रिकॉर्ड

Tue, 11 Jul 2023 02:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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शाहाबाद। भारी बारिश के चलते मारकंडा नदी उफान पर है। नदी में रविवार देर रात 49 हजार 495 क्यूसेक पानी आया, जिसके साथ ही पिछले 45 वर्ष का रिकार्ड भी टूट गया। वर्ष 1978 व वर्ष 2011 में करीब 45 हजार क्यूसिक पानी आया और उस समय भी पानी से काफी तबाही हुई थी। मंगलवार सुबह तक नदी में पानी और बढ़ने की संभावना है। जलस्तर बढ़ने पर नदी के साथ लगते अनेक गांवों व डेरे पानी की चपेट में आ गये।
वहीं रविवार रात दो बजे पाडलू गांव के पास से मारकंडा नदी का बांध टूट गया, जिस कारण पानी अनाजमंडी व रावा के साथ अन्य गांवों में भी पहुंच गया। बराड़ा रोड पर भी पानी बहने लगा, जिससे जाम के हालात बन गए। वहीं सोमवार दोपहर एक बजे दामली गांव के पास से नदी का बहाव बांध की तलहटी को तोड़ता हुआ सड़क पर आ गया और अटारी कालोनी व हुड्डा सेक्टर में घुस गया। पूर्व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी की कोठी में भी पानी भर गया और वे परिवार के साथ पहली मंजिल पर चले गए। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा, नगरपालिका प्रधान डाॅ. गुलशन कवात्तरा और तहसीलदार अशोक मदान, पटवारी व ग्राम सचिव मोर्चों पर डटे रहे। हालांकि एसडीएम ने रविवार रात को ही सूचना जारी कर दी थी कि मारकंडा नदी में पानी अधिक आ सकता है। नदी के साथ लगते खेतों में डेरे पर रहने वाले लोग बाहर आ जाएं। इसके बाद भी कुछ परिवार पानी में फंस गये।
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रेस्क्यू कर निकाला डेरे पर फंसा परिवार

बराड़ा रोड पर गुरुद्वारा मंजी साहिब के पीछे पूर्व विधायक वैद्य कपूर चंद शर्मा के डेरे पर एक परिवार के पांच सदस्य फंस गए। इन्हें रेस्क्यू के बाद मोटर बोट से सुरक्षित बाहर निकाला गया। परिवार के सदस्य इमरान ने बताया कि उनका डेरा बांध से करीब सवा किलोमीटर की दूरी पर था और रविवार को सुबह जैसे ही मारकंडा में पानी आना शुरू हुआ तो वहां पर गहराई करीब तीन फीट हो गई। उन्होंने परिजनों के साथ बाहर आने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुए।
सायं तक पानी आठ फीट गहराई से बहने लगा। इस पर वह और 12 वर्षीय हसीन, दिलशाद, सकूर, इनदरान पानी में फंसे गए। सभी कमरे की छत पर बैठे रहे। बकौल इमरान उसने सोमवार सुबह इसकी सूचना नगर पालिका प्रधान डाॅ. गुलशन कवात्रा को दी। इसके बाद उपायुक्त शांतनु शर्मा से संपर्क किया और केडीबी की टीम को मौके पर भेजा गया। पहले शाहाबाद तहसील कार्यालय से चप्पू वाली कश्ती मंगवाई गई। इसके सहारे परिवार को नहीं निकाला जा सका। इसके बाद केडीबी टीम तहसीलदार अभिमन्यु के नेतृत्व में मोटर बोट के साथ पहुंची। डेढ़ बजे रवाना हुई टीम पौने तीन बजे परिवार को लेकर लौटी तो सभी ने राहत की सांस ली। टीम अपने साथ एक बछड़े को भी बचाकर लाई।









परिवार 30 घंटे तक रहा भूखा-प्यासा

दिलशाद ने बताया कि परिवार के पांचों सदस्य करीब 30 घंटे तक भूखे-प्यासे रहे हैं। इस दौरान एक-एक मिनट मौत के मुंह में जाने जैसा लग रहा था। परिवार ने नगर पालिका प्रधान डाॅ. गुलशन कवात्तरा व प्रशासन का आभार जताया। इमरान ने बताया कि दो पशु उसके पानी में बह चुके हैं और चार अभी भी डेरे पर हैं।





बिसाखा सिंह के डेरे पर फंसे 35 लोग

सुलखनी गांव में बिसाखा सिंह के डेरे पर 35 लोग नदी के पानी में फंस गए हैं। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि वहां भी प्रशासन ने मोर्चा संभाला है और जल्द ही सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया जाएगा। वहीं डेरे पर फंसे परिवार की ओर से लगातार वीडियो वायरल कर मदद की पुकार की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक इन्हें भी केडीबी की टीम निकालने के प्रयासों में जुटी थी।





बाजीगर कालोनी से निकाले 40 लोग

मारकंडा नदी के साथ लगती बाजीगर कालोनी में से 40 लोगों को बाहर निकाला गया। हालांकि कालोनी के सैकड़ों लोगों ने पानी आने से पहले मारकंडेश्वर मंदिर में शरण ले ली ली थी, लेकिन कुछ लोग समय से बाहर नहीं आ पाए और पानी में फंस गये। इन लोगों को रस्सों की मदद से बाहर निकाला गया। बाजीगर कालोनी के सुभाष, राहुल व विक्रम ने बताया कि अचानक पानी आने से करीब 40 लोग फंसे थे। पानी में सांप घूम रहे थे, जिससे वे खौफ में आ गए थे।





हुड्डा सेक्टर, अटारी कालोनी में घुसा पानी

मारकंडा नदी का पानी दामली वाले पुल को तोड़ते हुए हुड्डा सेक्टर और अटारी कालोनी में घुस गया। घरों में पानी घुसने के कारण बिजली बंद कर दी गई। लोगों का कहना था कि अटारी कॉलोनी के कमरों में घुटनों पानी है, जिससे सामान का काफी नुकसान हुआ है।




कार पर गिरा मकान का हिस्सा

शहर के पावर हाऊस में भी नदी का पानी घुस गया। इस पर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। प्रशासन पॉवर हाऊस से पानी निकलवाने में जुटा रहा। वहीं पुराने कृष्णा मंदिर के पास पुराने मकान का हिस्सा कार पर आ गिरा, जिससे क्षतिग्रस्त हो गई।







फसलें बर्बाद, 100 नलकूप पानी की चपेट में

पानी भरने से अनेक गांवों की धान की फसलें बर्बाद हो गई। पानी की अधिक मार दामली, रावा, पाडलू, डाडलू, जंधेड़ी, छपरा, कठवा, कलसाना, मुगल माजरा, झरौली, गुमटी, मलिक पुर, रामनगर, दयाल नगर, अरूप नगर, मोहनपुर आदि पर पड़ी। दयालनगर व मोहनपुर में खेतों में लगे करीब 100 नलकूप पानी की चपेट में आ गये। किसानों का कहना है कि एक नलकूप करीब पांच लाख की लागत आती है। ऐसे में किसानों को दोहरी मार पड़ेगी।
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इन स्थानों पर टूटे बांध


गांवों में मारकंडा नदी के बांध टूटने का सिलसिला रविवार रात दो बजे शुरू हुआ। पाडलू गांव में बांध टूट गया, वहीं सोमवार को दोपहर 11 बजे मंजी साहिब के पीछे बांध टूटा, लेकिन डेरा बाबा कार सेवा की बदौलत कई डंपर मिट्टी कटाव को रोक दिया गया। वहीं सोमवार दोपहर एक बजे दामली गांव की तलहटी को तोड़ता हुआ पानी घरों में घुस गया। कलसाना गांव में भी मारकंडा नदी ने बांध को पार किया। इस पर कृषि विभाग के जेई राज नारायण ने कर्मचारियों के साथ मरम्मत कराई।
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