फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: हंसते-खेलते बचपन पर एनीमिया का ग्रहण

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। ​शिविर में बच्ची का रक्त का सैंपल लेते स्वास्थ्य कर्मी।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जिले में हंसते-खेलते बचपन पर एनीमिया का ग्रहण लग गया। जिले में दो महीने की जांच में छह से 59 माह के 57.66 फीसदी बच्चे रक्त की कमी से ग्रसित पाए गए। जांच में 6,092 बच्चियों की अपेक्षा 135 लड़कों में रक्त ज्यादा कम पाया गया, जबकि कुल 2.75 फीसदी बच्चे में गंभीर एनीमिया से पीड़ित मिले। एनीमिया मुक्त भारत के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से 100 दिन तक चलने वाले अभियान के छह से 59 माह, पांच से 10 साल, 10 से 19 साल, गर्भवती, स्तनपान कराने वाली और डब्ल्यूआरए (20 से 49 साल की महिलाएं) छह वर्ग के लोगों की जांच की जा रही है। दो महीने यानी 10 अगस्त तक की जांच में छह से 59 माह वर्ग में 10,433 बच्चियों समेत कुल 21,361 बच्चों के रक्त के सैंपल की जांच की गई।
विज्ञापन

इस जांच में 10,433 बच्चियों समेत 9,042 बच्चे एकदम स्वस्थ पाए गए। माइल्ड स्तर (सात से 11 ग्राम रक्त) की जांच में 26.49 फीसदी यानी 2,845 बच्चियों समेत 5659 बच्चे, दूसरे स्तर (सात से नौ ग्राम) में 3,090 बच्चियों समेत कुल 6,0711 यानी 28.42 फीसदी बच्चे मॉडरेट दर्ज किए गए। इन दोनों स्तर में कुल 54.91 फीसदी बच्चे एनीमिया का शिकार मिले। पहले स्तर में बच्ची तो दूसरे स्तर मॉडरेट में 2981 बच्चियों की अपेक्षा 109 लड़कों में ज्यादा रक्त की कमी मिली।


589 में मिला गंभीर एनीमिया
अति गंभीर (सीवियर) में 589 बच्चे एनीमिया से ग्रस्त मिले, जिसमें 266 बच्ची और 323 लड़के शामिल हैं। इन तीन स्तर में कुल 10, 729 बच्चों को उपचार दिया गया। इसके अलावा 819 को एलएनजेपी अस्पताल रेफर करके आयरन सुक्रोज की डोज लगाई गई।
विज्ञापन



19 को संपन्न होगा अभियान : डॉ. मनीषा सिंह
जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि 19 सितंबर को अभियान संपन्न होगा। एनीमिया से निपटने के लिए जांच, इलाज और जागरूकता के बाद निगरानी रखी जाएगी। पूरी जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि कितने लोग एनीमिया से ग्रस्त थे। हालांकि जांच के साथ-साथ मरीजों को जरूरी उपचार दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें