कुरुक्षेत्र। एक्सईएन मुनीष बब्बर।
- फोटो : संभल में औद्योगिक गलियारे की जमीन।
कुरुक्षेत्र। जिले के गांव मुर्ताजापुर, चनालहेड़ी, सुरमी, बीबीपुर, छैलो सहित आसपास के गांवों की फसलों की सिंचाई की समस्या खत्म होगी। बारिश न होने पर भी तीन माह तक किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे और गिरते भूजल स्तर से भी राहत मिल पाएगी।
इसके लिए सिंचाई विभाग संबंधित विभागों से मिलकर आठ किलोमीटर लंबी, 120 फीट चौड़ी व 12 फीट गहरी वाटर कंजरवेशन बॉडी (जलाश्य) तैयार करेगा जिस पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें एक बार में ही 50 करोड़ लीटर पानी जमा किया जा सकेगा।
विभाग ने न केवल इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है बल्कि मंजूरी के लिए सरकार को भी भेज दिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि मंजूरी मिलते ही एक माह के दौरान टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विभाग ने यह परियोजना 15 साल से बंद पड़ी बीबीपुर लेक को जोड़ने वाली चैनल पर बनाई जाएगी। अधिकारियों की मानें तो इस वाटर बॉडी में पानी जलबेहड़ा हेड से मारकंडा का पानी छोड़ा जाएगा। इससे मारकंडा के ओवरफ्लो होने से भी बड़ी राहत मिलेगी तो किसानों को बड़ा फायदा भी होगा। किसान पंप लगाकर इससे फसलों के लिए पानी ले सकेंगे। यह वाटर बॉडी जलबेहड़ा से शुरू होकर चनालहेड़ी तक पहुंचेगी और इसके दोनों और स्थित गांव के किसानों को फायदा होगा।
कुरुक्षेत्र। एक्सईएन मुनीष बब्बर।- फोटो : संभल में औद्योगिक गलियारे की जमीन।
कुरुक्षेत्र। एक्सईएन मुनीष बब्बर।- फोटो : संभल में औद्योगिक गलियारे की जमीन।