फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: गैस संकट के बीच प्रशासन अब दुकानदारों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए करेगा जागरूक

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। इलेक्ट्रॉनिक भट्टी पर ब्रेड पकौडे़ें तलते राजकुमार वर्मा। संवाद
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। जिले में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर की बढ़ती किल्लत को देखते हुए उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में डीएफसी, एचपी ऑयल के अधिकारियों व गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ बैठक कर गैस संकट की समीक्षा की। इसके बाद बैठक में फैसला लिया गया कि इस संकट से निपटने के लिए प्रशासन अब दुकानदारों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को व्यावसायिक एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए जागरूक करेगा।
विज्ञापन


बैठक में डीएफएससी ने उपायुक्त को बताया कि जिले में अभी व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति कम है। उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जिले को 50 प्रतिशत कोटे के हिसाब से मिल रहे व्यावसायिक सिलिंडरों में से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और कल्याणकारी कैंटीनों को व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध कराने की प्राथमिकता दी जाए।
उपायुक्त ने एचपी ऑयल के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन घरों ने पीएनजी कनेक्शनों को छोड़ दिया है। उन परिवारों के कनेक्शन दोबारा बहाल किए जाएं। उपायुक्त ने गैस एजेंसियों के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि जहां पीएनजी नहीं हैं, वहां के उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाए। जिस क्षेत्र में पीएनजी है, उस क्षेत्र के उपभोक्ताओं के सिलिंडर बाद में बुकिंग की जाए।
विज्ञापन

डीएफएससी नरेश कुमार ने बताया कि जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को भी अपील की जाएगी कि वह एलपीजी कनेक्शन छोड़ पीएनजी का कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि उपायुक्त ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि लोगों में गैस की कमी के लिए किसी प्रकार का पैनिक पैदा न हो इस बात का ध्यान रखा जाए और अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
विवि कैंटीन संचालकों ने खरीदी इलेक्ट्रॉनिक भट्टियां

गैस सिलिंडर न मिलने से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में कैंटीन चलाने वाले राजकुमार वर्मा ने बताया कि उनके पास पिछले 15 दिन से सिलिंडर नहीं है। न ही उन्हें कहीं से सिलिंडर मिल पा रहा है। अपना काम बचाने के लिए 50 हजार रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक व डीजल भट्टियां खरीदी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक व डीजल भट्टियां उन्हें महंगी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें