हरियाणा पुलिस भर्ती के दौरान अलर्ट की अनदेखी का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने और ज्यादा सख्ती शुरू कर दी है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों के सामान की तलाशी शुरू कर ही दी थी। बुधवार को सभी निजी स्टॉलों को भी हटा दिया गया। अब अभ्यर्थियों के सामान जमा करने का जिम्मा रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों को दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर एसपी सिमरदीप सिंह ने भी बुधवार शाम को भर्ती स्थल का निरीक्षण किया।
एचएसएससी की ओर से कराई जा रही हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया में सुरक्षा को और पुख्ता करने की कवायद शुरू हो गई है। अमर उजाला में 28 जून को ‘ये कैसा अलर्ट....’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आ गया था। एसपी सिमरदीप सिंह ने अभ्यर्थियों के सामान की तलाशी शुरू कराई थी।
एसपी ने किया निरीक्षण
शाम को भर्ती प्रक्रिया के दूसरे चरण में एसपी सिमरदीप सिंह भी भर्ती स्थल पर पहुंचे। हालांकि, वे भर्ती प्रक्रिया के बजाय सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ परिसर का बारीकी से मुआयना किया। दुकानदारों को भी हिदायत दी।
सुबह आठ बजे ही रोकी दौड़
बारिश होने के कारण मंगलवार को मौसम में ठंडक थी। इस वजह से सुबह की शिफ्ट की सभी दौड़ पूरी कराई गई थीं। लेकिन, बुधवार को गर्मी ने फिर अपना असर दिखाया। इसका असर भर्ती प्रक्रिया पर भी नजर आया। एचएसएससी ने सुबह आठ बजे तक ही दौड़ कराई। इसके बाद के अभ्यर्थियों की दौड़ शाम को कराई गई।
कई हुए बेहोश
दौड़ के दौरान अभ्यर्थियों के गिरने और बेहोश होने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को दोनों शिफ्ट में करीब 10 से ज्यादा अभ्यर्थी गिरे। इनमें से कई बेहोश भी हुए। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पॉलीक्लीनिक ले जाया गया। दो अभ्यर्थियों की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती किया गया।
भर्ती स्थल को लेकर एचएसएससी के विरोध में उतरे पूर्व आईजी रणवीर शर्मा घायलों के हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती स्थल न बदलने पर धरने पर बैठने की बात भी कही है। आरोप है कि सेक्टर में अभ्यर्थियों द्वारा खुले में शौच आदि करने से क्षेत्र में बदबू फैल गई है। इससे शहरवासियों का बुरा हाल हो रहा है।