फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: अमनप्रीत ने यूपीएससी में हासिल की 319वीं रैंक

Sat, 07 Mar 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अमनप्रीत । संवाद
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। डेरू माजरा गांव के किसान जोगिंद्र सैनी के होनहार बेटे अमनप्रीत सैनी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 319वीं रैंक हासिल कर जिले और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। अमनप्रीत की इस सफलता से गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता खेती करते हैं, जबकि माता मंजीत कौर गृहिणी हैं और परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं।
विज्ञापन


अमनप्रीत की शुरुआती पढ़ाई मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल पिपली से हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी स्कूल, सेक्टर-3 कुरुक्षेत्र से 12वीं की शिक्षा पूरी की। उन्होंने बीएससी की पढ़ाई कौल स्थित कृषि कॉलेज से की। इसके बाद उन्होंने एमएससी और पीएचडी की पढ़ाई हिसार कृषि विश्वविद्यालय से पूरी की। वर्तमान में अमनप्रीत कृषि विभाग जगाधरी में एसडीओ के पद पर में तैनात हैं। उनकी वर्ष 2024 में इस पद पर नियुक्ति हुई थी। अमनप्रीत की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गांव और जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है।

छह प्रयासों के बाद मिली सफलता : अनप्रीत
अमनप्रीत ने बातचीत में बताया कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा के लिए छह बार प्रयास किया। इनमें से तीन बार इंटरव्यू तक पहुंचे। पिछले वर्ष वे अंतिम चयन से सिर्फ 10 अंकों से चूक गए थे। उन्होंने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और नौकरी के साथ-साथ लगातार तैयारी जारी रखी। इसी मेहनत और धैर्य का परिणाम है कि इस बार उन्हें सफलता मिली।
विज्ञापन


कोरोना काल में मिली यूपीएससी प्रेरणा : अमनप्रीत
अमनप्रीत ने बताया कि उन्हें यूपीएससी की तैयारी की प्रेरणा कोरोना काल के दौरान मिली। उस समय वे हिसार कृषि विश्वविद्यालय के छात्रावास में थे। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने साथियों और सीनियर छात्रों को यूपीएससी की तैयारी करते देखा और वहीं से उन्हें भी इस परीक्षा की प्रेरणा मिली। पहले वे सोचते थे कि यूपीएससी को आम घर के बच्चे नहीं कर सकते लेकिन उनकी सोच बदली और उन्होंने पीएचडी के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इसके बाद 2022 में पहली बार इंटरव्यू दिया। उन्होंने बताया कि उनके उस बैच में छात्रावास के कई साथी तैयारी कर रहे थे।

युवाओं को दिया संदेश
अपनी सफलता का मूलमंत्र बताते हुए अमनप्रीत ने युवाओं से कहा, हारे मत, बस लगातार कोशिश करते रहें। ग्रामीण परिवेश के छात्रों को अक्सर सही मार्गदर्शन देर से मिलता है, इसलिए वे देर से शुरुआत करते हैं और जल्दी हार मान लेते हैं। यूपीएससी भी एक परीक्षा ही है, जिसे मेहनत और निरंतर प्रयास से पास किया जा सकता है।”
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें