कुरुक्षेत्र। गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में वीरवार को पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। विद्यालय की पूर्व छात्र परिषद के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में सत्र 1974 से 2019 तक के पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में 201 पूर्व छात्र प्रत्यक्ष रूप से और 312 पूर्व छात्र ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। सम्मेलन में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार सहित विदेशों से भी पूर्व छात्र शामिल हुए। यह आयोजन स्मृतियों, संवाद और पुनः जुड़ाव का एक प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय अवसर बना।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विद्यालय और पूर्व छात्रों के बीच भावनात्मक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना और संस्कारों का पुनर्जागरण करना रहा। प्राचार्य नारायण सिंह ने अतिथियों, पूर्व आचार्यों एवं पूर्व छात्रों का परिचय देते हुए विद्यालय की प्रगति और भावी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि गीता निकेतन आवासीय विद्यालय विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में संचालित है, जहां मूल्य आधारित शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। उन्होंने बताया कि विद्या भारती के पूर्व छात्र 87 से अधिक देशों में रहकर शिक्षा, विज्ञान, उद्योग, प्रशासन और समाज सेवा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। पूर्व छात्रों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए विद्यालय एवं प्रांतीय स्तर पर पूर्व छात्र परिषद सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, उसी क्रम में यह सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन के दौरान वर्तमान एवं पूर्व छात्रों की ओर से प्रस्तुत संगीत और नृत्य कार्यक्रमों ने विद्यालय की संस्कारयुक्त शिक्षा परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता विद्या भारती हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. देव प्रसाद भारद्वाज ने कहा कि पूर्व छात्रों की उपलब्धियां ही विद्यालय की सच्ची पहचान होती हैं। गीता निकेतन के पूर्व छात्र आज देश-विदेश में विद्यालय के संस्कारों को समाज में प्रतिष्ठित कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम शर्मा ने पूर्व छात्रों से विद्यालय और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने और सतत संपर्क बनाए रखने का आग्रह किया। हिंदू शिक्षा समिति हरियाणा के अध्यक्ष डॉ. ऋषिराज वशिष्ठ एवं उपाध्यक्ष चेतराम शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूर्व छात्रों ने विद्यालय प्रगति में पूर्व छात्रों की भूमिका पर अपने विचार रखे। पूर्व छात्र परिषद के सदस्य उद्योगपति विक्रांत ने सभी का आभार जताया।
भावनाओं से भर देता है विद्यालय में आना : प्रो. अमित
प्रो. अमित दुआ (पूर्व छात्र, 2005 बैच) बीआईटीएस पिलानी में एसोसिएट प्रोफेसर, युशू एक्सीलेंस टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर एवं सीईओ हैं। वे छह पुस्तकों का प्रकाशन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि अपने विद्यालयों में आना हमेशा भावनाओं से भर देता है। वह सबसे पहले अपने छात्रावास और विद्यालय परिसर का भ्रमण कर पुरानी यादों को ताजा करते हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत स्कूली शिक्षा ही जीवन की सफलता की नींव होती है। विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सकारात्मक उपयोग करने और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जीवन जीने के दिए संस्कार : विनय
विनय (पूर्व छात्र, 2012 बैच) वर्तमान में यूपीएस स्कूल शामली में असिस्टेंट टीचर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि छात्र जीवन में शिक्षकों की डांट का महत्व आज समझ में आता है। वहीं अनुशासन और मार्गदर्शन उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। अब स्वयं शिक्षक बनकर वह अपने गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलते हुए बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता निकेतन ने उन्हें न केवल शिक्षा दी बल्कि जीवन जीने के संस्कार भी दिए।
कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेते पूर्व छात्र और पूर्व आचार्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेते पूर्व छात्र और पूर्व आचार्य। संवाद