कुरुक्षेत्र। श्रावण मास के पावन अवसर पर सेक्टर-13 स्थित श्री महेश्वर हनुमान मंदिर में श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति की ओर से कथा जारी रही। इसमें संस्थापक अध्यक्ष कथावाचक अनिल शास्त्री ने शिव की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि शिव की भक्ति सभी मनोरथों को पूर्ण करती है।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवता शिवजी के अंग से उत्पन्न हुए हैं। भगवान शंकर का रूप साधु, राजसी और तामसी तीनों प्रकृति के मनुष्यों को सदा आनंद प्रदान करने वाला है। वे मनुष्य, जिनके मन में कोई तृष्णा नहीं है, ऐसे महात्मा पुरुष भगवान शिव के गुणों का ज्ञान करते हैं क्योंकि शिव की भक्ति मन और कानों को प्रिय लगने वाली और संपूर्ण मनोरथों को देने वाली है।