संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय ने दूरवर्ती शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक गुणवत्ता और सुधार लाने के लिए बैठक का आयोजन किया। इस दौरान कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भविष्य में दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के सभी कोर्सों की शिक्षा ऑनलाइन माध्यम से होगी।
दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के 40 कोर्सों की दूरवर्ती शिक्षा में सुधार लाने के लिए विभिन्न विषयों पर गहनता से विचार-विमर्श हुआ। दूरवर्ती शिक्षा के क्षेत्र में केयू ने आंतरिक गुणवत्ता सहायता केंद्र का गठन किया गया है। इस केंद्र के तहत विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, विद्यार्थियों की दूरवर्ती शिक्षा संबंधी समस्याओं का निपटारा भी ऑनलाइन किया जाएगा। बैठक ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने के प्रस्तावों पर मंथन हुआ। डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजुला चौधरी ने कहा कि दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में ऑनलाइन शिक्षा पद्धति सबसे तीव्र और लाभदायक है।
दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने निदेशालय की विभिन्न गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि सभी कोर्सों के पाठ्यक्रमों और शिक्षण पद्धति को अधिक सुदृढ़ और तकनीकी रूप दिया जाएगा। कोविड काल में जब सब कुछ बंद था, तब भी छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही थी। बैठक में कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा और वित्त अधिकारी डॉ. हरजीत सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की। इस अवसर पर संगीता सेठी, डॉ. जी.पोन्मेनी, डॉ. गीतिका संधू व डॉ. सुखविंदर कौर सहित गैर-शिक्षक कर्मचारी राजीव, राजेश व मनीष मौजूद रहे।