जिलाधीश एवं उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने कहा कि 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद का काम शुरू हो जाएगा। इससे पहले किसान अपनी फसलों की कटाई का काम भी शुरू कर देंगे। इसलिए गेहूं के इस सीजन में उपायुक्त ने किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को कोविड-19 से बचाव करने के लिए कुछ हिदायतें और दिशा-निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने कहा जो भी व्यक्ति इस सीजन के दौरान कोविड-19 के अनुसार जारी की गई हिदायतों की अवहेलना करेगा उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के अंतर्गत कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि खेतों में काम करने वाले किसी मजदूर या किसान को बुखार, सिर दर्द या अन्य कोई भी लक्षण दिखाई दे तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर से डाक्टर और पुलिस से संपर्क करे। इसके लिए सभी श्रमिकों और किसानों के पास निकटतम चिकित्सक और पुलिस स्टेशन के टेलीफोन नंबर या फिर हेल्पलाइन नंबर का होना जरुरी है। उन्होंने कहा कि सभी मजदूरों और किसानों को मास्क और गलव्स का फसल कटाई के दौरान प्रयोग करना जरूरी है, इतना ही नहीं फसल कटाई के दौरान सिर को भी ढकना जरुरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से हार्वेस्टर को मूवमेंट पास जारी किए जाएंगे और सभी हार्वेस्टर को आपातकालीन स्थिति के लिए स्वास्थ्य विभाग के वर्करों और पुलिस के नंबर भी मुहैया करवाए जाएंगे। जिलाधीश ने कहा कि फसल कटाई के बाद खेतों में खड़े फानों और अवशेषों में किसी भी कीमत पर आग लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फसल अवशेषों में आग लगाना एक अपराध है, ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ वायु प्रदूषण एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मशीनों व यंत्रों से संबंधित दुकाने खुल सकती है सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक
कृषि मशीनरी जैसे ट्रैक्टर, कंबाइन, हार्वेस्टर, स्ट्रा रीपर व अन्य कृषि उपकरणों के स्पेयर पार्ट्स और रिपेयरिंग की दुकानों को खोलने का समय सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके साथ कृषि यंत्रों से संबंधित कार्यशालाओं को भी खोलने की अनुमति होगी।
गेहूं कटाई से संबंधित मशीनरी को कटाई से पहले सैनिटाइज करना जरूरी
कटाई का कार्य कंबाइन और हार्वेस्टर से किया जाता है। जिले में कटाई के लिए ये मशीनें गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र में भी कटाई का कार्य करके आती है इसलिए इन मशीनों के साथ गए ड्राइवर, मैकेनिक, हेल्पर इत्यादि में कोरोना वायरस का संक्रमण की संभावना हो सकती है। सभी ग्राम पंचायतों को संदेश दिया गया है कि अन्य राज्यों से गांव में आने वाली कंबाइन की सूचना संबंधित कृषि विकास अधिकारी को देने का कष्ट करें ताकि उन्हें भी सैनिटाइज किया जा सके।