बदलते मौसम के बीच जिला भर की अनाज मंडियों में सोमवार से किसानों की परेशानी दोगुना होने वाली है। मंडियों में कारोबार पूरी तरह से ठप रहेगा। आढ़ती अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे तो न धान की सफाई, तुलाई होगी और न ही बोली। आढ़ती मार्केट कमेटी कार्यालयों पर दिन भर धरना देंगे तो वहीं मंगलवार को विधायकों के आवास को घेरेंगे। इससे अगले दिन बुधवार को करनाल में सीएम आवास का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन को लेकर आढ़ती रविवार को भी दिन भर अपनी-अपनी मंडियों में रणनीति बनाते रहे और सभी यूनियनें एकजुट दिखाई दी।
बता दें कि जिला भर में कुरुक्षेत्र व पिपली सहित नौ अनाज मंडियां है तो वहीं आठ खरीद केंद्र है। पिछले एक सप्ताह से मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। तीन दिन तक बारिश के मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ाकर रखी तो वहीं रविवार से मौसम कुछ साफ हुआ तो आवक भी बढ़ने की उम्मीद होने लगी। सरकारी खरीद शुरू न होने से पहले से ही परेशानी झेल रहे किसानों के समक्ष अब आढ़तियों की हड़ताल से और भी चुनौती बढ़ गई है। हालांकि आढ़ती दावा कर रहे हैं कि उनके इस आंदोलन से किसानों का भी फायदा होगा।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि उनकी मांगों में प्राईवेट खरीद में ई-प्रोटल सिस्टम बंद किया जाए, एमएसपी को छोड़कर बाकी फसल का भुगतान किसान की मर्जी के अनुसार ही किया जाए, आढ़त पूरी दी जाए, फसल खरीद के दौरान सभी सुविधाएं दिलाई जाए, मुख्य रूप से शामिल है। मांगों को लेकर आढ़ती कई बार सरकार को अवगत करवा चुके हैं तो 10 सितंबर को गोहाना में रैली भी की गई थी। अभी तीन दिन के आंदोलन की रणनीति बनाई गई है, लेकिन इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
अनाजमंडी में धान लेकर पहुंचे किसान हुकम सिंह का कहना है कि यहां गेट पास को काटे जा रहे हैं, लेकिन आज तक भी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। तीन दिन बारिश में फसल भीगती रही तो अब सुखाने के लिए जदोजहद करनी पड़ रही है। बदलते मौसम से किसानों को नुकसान की आंशका है। अब आढ़ती हड़ताल पर जा रहे हैं, जिससे परेशानी और भी बढ़ने वाली है।
किसान गुरचरण सिंह सलपानी निवासी ने बताया कि वे पिछले 15 दिनों से अनाज मंडी में अपनी फसल को लेकर बैठे हुए है, परंतु सरकार द्वारा धान की खरीद व फसल के बचाव के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था न होने से परेशान हैं। मंडी में चौकीदार की व्यवस्था न होने से जानवरों से फसल को बचाना भी एक बड़ी समस्या बन चुका है। वहीं रामफल प्रधान मजदूर यूनियन कुरुक्षेत्र ने कहा कि इस बदलते मौसम में सरकार को किसानों की फसल कि खरीदारी जल्द से जल्द करनी चाहिए।