कुरुक्षेत्र। पीजीआई रोहतक के विभिन्न विभागों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने दो दिन पुलिस हिरासत में रहने के बाद शनिवार को करो यहां मरो की लड़ाई का ऐलान कर दिया। किसान आंदोलन की तर्ज पर देवीलाल चौक के पास केशव पार्क में अपना पक्का मोर्चा लगा लिया। कर्मचारी आठ डिग्री तापमान में पूरी रात डटे रहे और धरने को लंबा रखने की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने दो ट्रैक्टर और चार ट्रालियों में सामान लाकर धरना स्थल पर टेंट लगा लिया।
जानकारी के अनुसार मोर्चे पर शनिवार रात को करीब 250 कर्मचारी केशव पार्क पहुंचे। इनमें 30 महिलाएं शामिल रही, जो रातभर मोर्चे पर डटी रही। कुछ कर्मचारियों के बुजुर्ग परिजन भी अपना हुक्का लेकर उनका हौंसला बढ़ाने पहुंचे और पूरी रात उनके साथ बिताई। महिलाओं ने रात को मोर्चे पर ही सब के लिए खाना पकाया और परोसा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के साथ कैथल, करनाल, सोनीपत व कुरुक्षेत्र की टीम भी कर्मचारियों के पक्के मोर्चे पर पहुंची और कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया। चढ़ूनी ने कहा कि अगर इन कर्मचारियों के मोर्चे के साथ प्रशासन ने किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ की तो किसान यूनियन सड़कों पर उतरेगी।
दो जून से लड़ रहे लड़ाई
कर्मचारी पीजीआई में ठेके के तहत कार्यरत 1271 कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार में शामिल करने के लिए दो जून से धरने पर हैं। इन्होंने दो जून से लेकर 26 सितंबर तक पीजीआई में अपना धरना जारी रखा। इसके बाद यह कर्मचारी पैदल कूच करते हुए चंडीगढ़ के लिए निकले तो 29 सितंबर को इन्हें करनाल जिला प्रशासन ने रोक लिया और दो माह तक आश्वासन देते हुए रोका रखा। इस दौरान प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता विफल रहने पर यह कर्मचारी आगे बढ़े और वीरवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। जहां से पुलिस ने इन्हें हिरासत में ले लिया।
शुक्रवार शाम को एसडीएम लाडवा अनुभव मेहता ने इन्हें केशव पार्क में अपना धरना देने के लिए कहा और सात दिन में मुख्यमंत्री के साथ वार्ता करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद इन कर्मचारियों ने अब केशव पार्क में अपना मोर्चा लगा लिया है। मोर्चे के प्रधान अभिषेक ने कहा कि अगर सात दिन के अंदर उनकी बात की सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
चार माह पहले चढ़ूनी ने मिलवाया था सीएम से
करीब चार माह पहले मोर्चे के कुछ सदस्यों को गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने मध्यस्थता करते हुए मुख्यमंत्री से मिलवाया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने ओएसडी राकेश सिद्दू की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर मामले को सुलझाने का वादा किया था। मोर्चे के प्रधान अभिषेक ने बताया कि दो माह के बाद भी ओएसडी ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह सब लोग दोबारा गुरनाम चढ़ूनी के घर पर गए, जहां चढ़ूनी ने ओएसडी से इस बारे में पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पुलिस ने मोर्चे पर लगाई ईआरवी
पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा की दृष्टि से एक ईआरवी को यहां खड़ा किया है। ताकी कर्मचारियों के साथ कोई अप्रिय घटना न हो सके। वहीं जिला प्रशासन प्रदर्शनकारियों के लिखित में धरना स्थल निर्धारित करने की मांग पर उन्हें बिजली व शौचालय आदी का प्रबंध करवाया है।
कुरुक्षेत्र। मोर्चे पर रात के समय परिजनों से वीडियो काल करता कर्मचारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। मोर्चे पर रात के समय परिजनों से वीडियो काल करता कर्मचारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। मोर्चे पर रात के समय परिजनों से वीडियो काल करता कर्मचारी। संवाद