कुरुक्षेत्र। बारिश के बाद उमस भरे मौसम के कारण लाखों कीट जमीन से बाहर निकल आए, जिससे रेलवे लाइन के पास बसी कॉलोनी के 200 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। इन कीटों ने स्थानीय निवासियों के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे लोगों में बीमारी फैलने की आशंका से दहशत का माहौल है।
स्थानीय निवासियों रामकुमार, जगदीश, पवन कुमार और राकेश ने बताया कि ये लाखों की संख्या में कीट गलियों, घरों में देखे जा सकते हैं। पानी एकत्रित होने पर बड़ी संख्या में मर चुके हैं। कीट दिन-रात मकानों की दीवारों पर चिपके रहते हैं, जिससे दीवारें काली दिखने लगी हैं। शाम को बल्ब की रोशनी में ये कीट दीवारों से उतरकर खाने, आटे की टंकियों, सब्जियों और यहां तक कि बिस्तरों तक पहुंच रहे हैं। कीटों के छिपने के लिए खाली पड़े प्लॉटों में जमा पानी और घास-फूस अनुकूल स्थान बन गए हैं। कीटों की भारी संख्या के कारण घरों में सामान्य गतिविधियां करना मुश्किल हो गया है। कीटों का आटे की टंकियों और बिस्तरों तक पहुंचना न केवल असुविधा का कारण बना है, बल्कि संक्रमण की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
घबराए लोगों की शिकायत पर नगर परिषद ने तुरंत कार्रवाई की। एक टीम ने कॉलोनी में फॉगिंग शुरू की ताकि संक्रमण का खतरा टाला जा सके। साथ ही, जेसीबी मशीनों के जरिए खाली पड़े प्लॉटों में गड्ढों को भरवाया गया और घास-फूस हटाकर कीटों के छिपने के स्थानों को साफ किया गया।
बच्चे डर के मारे नहीं निकल रहे बाहर
इन कीटों का कहर कालोनी में इस तरह से फैला हुआ की बच्चे इनकी वजह से घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं और उन्हें शाम के समय रोशनी में खाना खाते हुए भी डर लग रहा है। संतोष देवी बताती है कि उनका छह साल का बेटा इन कीटों को देखते ही चिल्लाने लग जाता है और रात के समय खाना भी ढंग से नहीं खा पा रहा है। वे अपने बच्चों को घर में भी बिस्तर पर भी नहीं छोड़ पा रहे हैं।
कालोनी में फॉगिंग करवा दी गई है, अब स्थिति नियंत्रण में है : ईओ
नप के ईओ का कहना है कि सूचना मिलते ही एक टीम को मौके पर भेजा संक्रमण न फैले इसके लिए तुरंत प्रभाव से फाॅगिंग करवाई व जेसेबी से साफ-सफाई करवा कर स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है। एक आधे घरों में अगर दोबारा से कीट देख जाते हैं तो दोबारा फॉगिंग करवा दी जाएगी।