दुराचार कर छात्रा की हत्या करने के तीनों आरोपियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम सुनेजा ने बुधवार को फैसला सुनाया।
हालांकि छात्रा के परिजनों ने मामले में अदालत से फांसी की गुजारिश की थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस में दर्ज एक मामले में उसकी बेटी का कुछ युवकों ने अपहरण कर लिया है और बाद में उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने इस मामले में छानबीन करते हुए नगला मेघा जिला करनाल निवासी गुरविंदर सिंह, वीरेंदर सिंह और रणजोध सिंह को काबू किया। एएसजे पूनम सुनेजा की अदालत में विचाराधीन इस मामले का फैसला बुधवार को सुना दिया गया। आरोपियों को मंगलवार को दोषी करार दिया गया था।
उप न्यायावदी कस्तूरी लाल ने बताया कि अदालत ने धारा-376 जी/34 आईपीसी के तहत तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा व प्रत्येक को 20 हजार रुपये जुर्माना तथा जुर्माना न देने पर 6 माह अलग से सजा काटने की सजा सुनाई है।
उन्होंने बताया कि धारा-366 ए/34 आईपीसी के तहत तीनो दोषियों को अलग-अलग 10 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 10 हजार रुपये जुमाना तथा जुर्माना न देने पर 4 माह अलग से सजा काटने, धारा-364/34 आईपीसी के तहत तीनो दोषियों को 10-10 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये जुमाना तथा जुर्माना न देने पर 4 माह अलग से सजा काटने, धारा-363/34 आईपीसी के तहत तीनो दोषियों को अलग-अलग 5 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 4 हजार रुपये जुमाना तथा जुर्माना न देने पर 3 माह अलग से सजा काटने, धारा-341/34 आईपीसी के तहत तीन को अलग-अलग एक महीने की कैद, धारा-201/34 आईपीसी के तहत तीनों को अलग-अलग 3 वर्ष की कैद व प्रत्येक को 3 हजार रुपये जुर्माना तथा जुर्माना न देने पर 2 माह अलग से सजा काटने, धारा-25/54/59 आर्म्ज एक्ट के तहत 3 वर्ष कैद व प्रत्येक को 3-3 हजार रुपये जुर्माना तथा जुर्माना न देने पर 2 माह अलग से सजा काटने की सजा सुनाई है।
फांसी मिलनी चाहिए बेटी के हत्यारों को
छात्रा के पिता और ताऊ ने कहा कि बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वे पहले भी आरोपियों के लिए फांसी की डिमांड करते रहे हैं और अब भी उनकी यही मांग है। ऊपरी अदालत में जाने के सवाल पर छात्रा के परिजनों ने कहा कि वे इस बारे में कानूनी राय लेंगे।
कब क्या हुआ
4 मई 2011 को सिंचाई विभाग के जेई रणधीर सिंह ने अपनी बेटी को स्कूटी लेकर पिपली रोड पर बुलाया और रात 8 बजकर 45 मिनट पर छात्रा अपने पिता को लेने के लिए स्कूटी लेकर घर से निकली।
इसके बाद स्कार्पियो सवार चार युवकों ने सेक्टर-3 जिंदल चौक के पास स्कूटी को टक्कर मारी और उसे गाड़ी में डाल लिया। जब रणधीर सिंह पैदल चलते हुए उस स्थान पर पहुंचे, तो उन्होंने स्कूटी को पहचान लिया, जिसके बाद वह पुलिस के पास गए।
शिकायत लेकर पहुंचे पिता की पुलिस ने एक न सुनी और अगले दिन 5 मई को अपने परिवार की लाडली की लाश जिला करनाल के गांव संघोई के निकट नहर किनारे मिली।
घटना के बाद 12 बजे से शाम छह बजे तक स्थानीय लोगों व परिजनों ने जीटी रोड पर जाम रखा। 7 मई को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन डा. राजकुमार वेरका ने पुलिस वालों को फटकार लगाई, 8 मई को कुरुक्षेत्र में सेक्टर-3 के लोगों और स्थानीय संगठनों ने कैंडल मार्च निकाला।
घटना के विरोध में हुआ था शहर बंद
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 25 मई 2011 को कुरुक्षेत्र शहर पूरी तरह से बंद रहा। बाजार सुनसान मिला, तो पीड़ित परिवार के साथ छात्रा को न्याय दिलाने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस रोष प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाओं सहित सामाजिक, धार्मिक व राजनैतिक संगठनों के अलावा गीता निकेतन आवासीय विद्यालय के सैंकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया था।
21 पुतलों के साथ किया था रोष प्रदर्शन
छात्रा की हत्या के विरोध में इंडियन बहुजन संदेश पार्टी (कांशीराम) ने 21 पुतलों के साथ प्रदर्शन किया था। पार्टी सुप्रीमो कांता आलड़िया के नेतृत्व में सैंकड़ों कार्यकर्ताओं ने 26 मई 2011 को जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया था।
फांसी की मांग को लेकर प्रदर्शन
बहुचर्चित छात्रा हत्याकांड के आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग करते हुए भारतीय नौजवान सभा ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सभा के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने किया।
अशोक शर्मा ने कहा कि यह कर्म इंसानियत को दागदार करने वाला था। इस कृत्य के लिए फांसी दी जानी थी और वे मांग करते हैं आरोपियों को फांसी दी जाए।
उन्होंने कहा कि आजीवन कारावास पीड़िता के प्रति पूरा न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
सभा यह पुरजोर मांग करती है कि इस तरह के कृत्य करने वाले दोषियों को फांसी दी जाए।प्रदर्शन में अश्वनी, सतबीर, अमित, सुभाष, राजू, सुदेशपाल, अजय, बिट्टू, वेदप्रकाश, लाडी सिंह, सुमित, मुनीष, पुरुषोत्तम, मोहित, नवनीत, नरेश, बलजीत, ललित चावला, कृष्ण कुमार, विजय कुमार, लक्की, लाल, बंसीलाल, काला, नारायण, सतबीर, हरीश कुमार शामिल थे।