कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में शुक्रवार देर रात एक और दिल दहला देने वाली घटना ने कैंपस को हिला दिया। महाराष्ट्र के भोसरी की रहने वाली फर्स्ट ईयर बीटेक कंप्यूटर साइंस की छात्रा ने कल्पना चावला हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाने की कोशिश की। रात 11:48 बजे हुई इस घटना को अंजाम देने से पहले छात्रा ने व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा था, “मेरी जिंदगी का कोई मकसद नहीं है गाइज, मैं सुसाइड ही कर लेती हूं।”
छात्रा ने शुरू में पुलिस को बयान दर्ज कराने से मना कर दिया और मीडिया के सामने अपनी बात रखने की जिद की। प्रशासन की लगभग एक घंटे की समझाने के बाद बयान दर्ज हुए। इसके तुरंत बाद छात्रा सोशल मीडिया पर लाइव आ गई लेकिन प्रशासन ने उसका फोन बंद करवा दिया तो छात्रा ने छात्रावास में घटना के डर से पार्क में एकत्रित हुई छात्रों के बीच पहुंची और प्रेरणादायक भाषण देना शुरू कर दिया। जिसे वहां मौजूद कुछ छात्रों ने अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया और उसके तुरंत बाद यह भाषण सोशल मीडिया पर डाल दिया। यह नौ मिनट 13 सेकंड का लंबा लाइव वीडियो था।
वीडियो में छात्रा ने खुलकर अपनी पीड़ा बयां की। उसने दावा किया कि उसके पिता सरकारी नौकरी में हैं और उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल कर फर्जी दिव्यांगता का प्रमाणपत्र बनवाया और इसी कोटे से उसका दाखिला एनआईटी में हुआ है। छात्रा ने बताया कि उसने पुणे में पढ़ाई की और पहले भी महाराष्ट्र के दो प्रतिष्ठित संस्थानों में इजिनियरिंग में दाखिला लिया था लेकिन आईआईटी में दाखिले के कई प्रयास नाकाम रहे। वीडियो में छात्रा युवा लड़कियों को संदेश दे रही है कि हम सिर्फ अंकों के पीछे भाग रहे हैं। हमें हमारे आसपास क्या हो रहा है, इसका कोई ज्ञान नहीं है। छात्रा ने कहा कि अब मुझे हर कोई पागल घोषित करने में जुट जाएगा। उसने शिक्षा में पारदर्शिता, कोटा सिस्टम की कमियों और पारिवारिक दबाव पर जोर दिया।
कहा- पहले हुई घटना के कारणों को किसी ने नहीं जानना चाहा
वीडियो में छात्रा ने कहा कि आज तक कैंपस में चार बच्चे मरे हैं, क्या हुआ? किसी को फर्क नहीं पड़ रहा। उसने कुछ प्रोफेसर्स पर संवेदनशील छात्राओं को क्लास से निकालने की धमकी देने का भी जिक्र किया। उसके बाद छात्रा ने 16 फरवरी को आत्महत्या करने वाले शिवा का जिक्र करते हुए कहा कि वह होनहार छात्र था लेकिन उसकी मौत का कारण जानना किसी ने उचित ही नहीं समझा। सब उस पर तंज कसते हुए आगे बढ़ गए। छात्र ने कहा कि वह वास्तव में खुदकुशी नहीं करना चाहती थी। उसने कहा कि वह सब कुछ देख चुकी और आप लोगों को जगाना चाहती हूं।
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खुद 15 से 20 छात्रों से बात कर जान रहा हूं समस्या : प्रो. ब्रह्मजीत
इस पूरे मामले में एनआईटी कार्यकारी निदेशक प्रो. ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। हर छात्र को फैकल्टी मेंबर से जोड़ा गया जो छात्र से नियमित बात करेगा। बच्चों का ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर बीत रहा है। इससे अकेलापन बढ़ रहा है। परिवार, दोस्तों और टीचर्स से बातचीत कम हो गई है। प्रोफेसरों पर छात्र को धमकाने के आरोप को गलत है। उन्होंने कहा कि वह खुद पिछले 15-20 दिनों से रोज छात्रावास में जा रहे है। और वहां कई बच्चों से बात कर चुका हूं। समस्या को हल करने के लिए तीन स्तर की कमेटियां बनाई गई हैं।
अकेले घर नहीं भेजा जाएगा, परिजनों को बुलाया है : ज्ञान भूषण
एनआईटी प्रवक्ता डॉ. ज्ञान भूषण ने बताया कि छात्रा की मेडिसन चल रही। छात्रा बिल्कुल ठीक है। हॉल में बने माहौल के कारण स्ट्रेस में आ गई थी। अब उसे समझा दिया गया है। उन्होंने बताया कि परिजनों को सूचित कर दिया है। छात्रा को अकेले घर नहीं भेजा जाएगा। प्रशासन छात्रा की देखरेख कर रहा है। किसी प्रकार की छात्रा को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
कुरुक्षेत्र। ग्रुप का स्क्रीन शॉट।