कुरुक्षेत्र। आश्रम में पूजा-अर्चना कर हनुमान जी को भोग लगाते सेवक। स्वयं
कुरुक्षेत्र। स्वामी शक्तिदेव, स्वामी संतोष ओंकार और संदीप ओंकार की देखरेख में आश्रम स्थित हनुमान मंदिर में महायज्ञ किया गया। इसमें पूर्णाहूति डालने के बाद कन्या पूजन कर भंडारा दिया। ओंकार ने कहा कि पूर्णिमा पर हनुमान जयंती पर सवा लाख आहुतियां डालकर विश्व कल्याण की कामना कर संपूर्णता की। हनुमान जी की अपार कृपा समस्त विश्व पर बरसे और चहुंओर कल्याण ही कल्याण हो, ऐसी कामना की। श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालकर पुण्य अर्जित किया। स्वामी ओंकार ने बताया कि मनुष्य को हनुमान जी की तरह निस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए। अपने इष्ट का प्यार प्राप्त कर जीवन यापन करना चाहिए। अपने गुरु और माता-पिता के प्रति सच्ची समर्पित भावना रखनी चाहिए। सच्चा निश्छल प्रेम करना चाहिए। जहां मां की सेवा होती है, हनुमान जी सदैव वहां विराजमान होते हैं। इसलिए मां की कृपा में सदैव रहना चाहिए। संघ संचालक पंडित शिवनारायण दीक्षित ने कहा कि परिसर में निस्वार्थ भाव से ओंकार महायज्ञों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है।
कुरुक्षेत्र। आश्रम में पूजा-अर्चना कर हनुमान जी को भोग लगाते सेवक। स्वयं