कुरुक्षेत्र। डेंगू व मलेरिया के बाद अब जिले में चिकनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। जिले में चिकनगुनिया का एक मामला सामने आया है। पिछले साल चिकनगुनिया के तीन मरीज मिले थे। 2016 में सर्वाधिक 31 मामले मिले थे जबकि 2017 से लेकर 2023 तक जिले में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
डेंगू रोगियों का ग्राफ निरंतर बढ़ता जा रहा है। जिले में डेंगू के 43 और मलेरिया के चार मरीज सामने आ चुके हैं। विभाग की टीम को जिलेभर में रोजाना 60 से 70 स्थानों पर डेंगू के मच्छर का लार्वा मिल रहा है। पिछले पांच दिनों में विभाग को 464 स्थानों पर लार्वा मिला है। विभाग अभी तक 1382 लोगों को नोटिस थमा चुका है। गत वर्ष जिले की 10 कॉलोनी डेंगू हॉट स्पॉट बनी थीं।
चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है। इसके मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द और दाने शामिल हैं। ज्यादातर लोग कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ मामलों में जोड़ों का दर्द महीनों या सालों तक बना रहता है।
विभाग की 135 टीमें रोजाना जांच रही छह हजार घर
विभाग की 135 टीमें जिलेभर में लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। कर्मचारी लोगों के घरों में डोर टू डोर जाकर रोजाना छह हजार घरों में लार्वा की जांच कर रहे हैं। साथ ही लोगों की काउंसलिंग भी की जा रही है।
चिकनगुनिया का मिला एक मरीज, डेंगू के 42 मामले आए, दो उपचाराधीन : डॉ. प्रदीप
मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप का कहना है कि जिले में चिकनगुनिया का एक मरीज सामने आया है। वहीं डेंगू के अभी तक 42 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 40 लोग ठीक हो चुके हैं, दो मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं। टीम की ओर से निरंतर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
पिछले पांच साल में ये आए डेंगू के मामले
साल
डेंगू के मामले
मलेरिया के मामले
चिकनगुनिया के मामले
2016
62
139
31
2017
312
40
0
2018
3
0
0
2019
0
9
0
2020
5
2
0
2021
129
0
0
2022
104
0
0
2023
263
0
0
2024
284
0
3
2025
43
4
1
कुरुक्षेत्र। दवा का छिड़काव करता स्वास्थ्य कर्मी। संवाद