राजस्थान में 11 माह के बाद यह दूसरी बार होने जा रहा है जब कुरुक्षेत्र वासी और केयू का कोई पूर्व छात्र पुलिस विभाग के सर्वोच्च पद डीजीपी का पदभार संभालने जा रहे हैं। बता दें 11 माह पहले राजस्थान में पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए ओम प्रकाश गल्होत्रा के बाद कुरुक्षेत्र के गांव कनीपला वासी मोहनलाल लाठर राजस्थान के पुलिस महानिदेशक बनेंगे। आज यह आदेश राजस्थान सरकार ने जारी किये हैं। इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है।
गल्होत्रा और लाठर दोनों संयोगवश दोनों मूल रूप से कुरुक्षेत्र के हैं और ग्रामीण पृष्ठभूमि के होने के कारण दोनों किसान परिवार से संबंधित हैं, दोनों के पिता जमींदार हैं। दोनों की शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूलों में हुई। दोनों ही अपने-अपने परिवार के ध्रुव तारा साबित हुए हैं, क्योंकि गल्होत्रा और लाठर के परिवारों में कोई भी इतने बड़े पद तक नहीं पहुंचा। संयोगवश दोनों ने ही कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। दोनों को ही राष्ट्रपति अवार्ड मिल चुके हैं। हालांकि पुलिस सेवा के दौरान ओपी गल्होत्रा को तीन बार राष्ट्रपति अवार्ड मिला था। बहरहाल यह कुरुक्षेत्र के लिये गौरव की बात है कि 2019 के बाद 2020 में भी कुरुक्षेत्र जिले से राजस्थान के नये डीजीपी होंगे।
अमर उजाला से बातचीत में लाठर के चचेरे भाई सुरेशपाल ने बताया कि मोहनलाल लाठर की माता का देहांत हो चुका है, पिता रघुबीर सिंह और बड़ा भाई सतपाल अपनी जमीन पर खेती करते हैं। सुरेशपाल ने बताया कि चार बहनों और दो भाइयों में मोहनलाल लाठर ने कड़ी मेहनत के बाद अपने परिवार को इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंच कर गौरव दिलाया है।
गांव से आठ किमी दूर था सरकारी स्कूल
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनके गांव कनीपला में पहले पांचवीं तक ही स्कूल था। सरकारी स्कूल में पांचवीं पास करने के बाद उन्हें आठ किलोमीटर दूर दूधला मोरथला स्थित राजकीय स्कूल में जाकर पढ़ाई की और इसके बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था।
पुलिस सेवा में गल्होत्रा ने भी हासिल की थी कई उपलब्धियां
बता दें कि नवंबर 2017 में कुरुक्षेत्र वासी ओपी गल्होत्रा ने राजस्थान के डीजीपी का पदभार संभाला था वे पिछले साल ही नवंबर में सेवानिवृत हुए हैं। गीता स्कूल के पूर्व छात्र ओपी गल्होत्रा राजस्थान में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहने के अलावा सीबीआई में उच्च पदों पर सेवाएं देने के बाद 2017 में राजस्थान के डीजीपी बने थे।