पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश एवं अंबाला कोर्ट की इंस्पैक्टिंग जज दया चौधरी ने शनिवार को न्यायिक परिसर अंबाला शहर और बार एसोसिएशन का दौरा किया। दोनो स्थलों की समस्याओं का भौतिक निरीक्षण करने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं से समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा भी की।
उन्होंने अपने स्तर पर हल होने वाली समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया और शेष समस्याओं के लिए उच्च न्यायालय की संबंधित कमेटी से हल करवाने के प्रयास की बात कही। उन्होंने निरीक्षण के दौरान बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में भाग लिया और कांफ्रेंस हाल में न्यायिक अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता भी की।
न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुये कहा कि समाज के हताश और गरीब व्यक्ति की सबसे आखिरी उम्मीद न्यायपालिका है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित जैन ने वकीलों के लिये अतिरिक्त चैंबर के निर्माण, मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण, चैंबर के प्रथम तल को न्यायिक परिसर से जोड़ने, एटीएम की पुन:स्थापना, लाइब्रेरी के बिजली के बिल की अदायगी सरकारी कोष से करवाने, वकीलों के चैंबर के बिजली के बिला व्यवसायिक दर की बजाए बल्क दर से करवाने, लिटिगेशन हाल के निर्माण तथा न्यायिक परिसर में बैठे अर्जीनवीस व टाइपिस्टों के लिये सुविधाजनक स्थान की व्यवस्था की मांगे रखी।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता, श्रम न्यायालय के पीठासीन न्यायिक अधिकारी वीपी गुप्ता, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह, अब्दुल माजिद, सीजेएम अर्चना यादव, स्वाति सहगल, एसीपी राजकुमार वालिया, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहित जैन, पूर्व अध्यक्ष किरण बाला जैन, सुरेंद्र शर्मा, डी.एस. पूनिया, जे.एस. कोहली, नम्रता गौड़, कुलवंत कौर, संदीप सचदेवा, नितेश साहनी, मुरारी लाल मदान, शिव कुमार मारकंडेय, इकबाल सिंह, दिलबाग सिंह बहगल सहित अन्य अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।